Maha Kumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में अब तक 58 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई है। इसके बावजूद गंगा का पानी एकदम साफ है और यह दावा पद्म श्री डॉ अजय सोनकर ने किया, जो स्वयं प्रयागराज के रहने वाले हैं।
डॉ सोनकर ने गंगा के पानी को एकदम शुद्ध ऐसे समय पर बताया जब गंगा के पानी की शुद्धता पर सवाल लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। डॉ सोनकर ने दावा किया कि संगम का पानी विशेष रूप से गंगा का पानी बिल्कुल शुद्ध है और इसका कोई नुकसान नहीं है।
कैसे शुद्ध होता है गंगा का पानी?
पद्म श्री से सम्मानित डॉक्टर ने गंगा के पानी का लाइव डेमन्स्ट्रेशन किया और दिखाया कि कैसे गंगा के पानी में सारे बैक्टीरिया मर जाते हैं और ये शरीर के लिए भी अच्छा है। उन्होंने बताया कि गंगा के पानी में बैक्टीरियोफेज होता है जिसकी वजह से गंगा के भीतर मौजूद बैक्टीरिया मर जाते हैं और पानी शुद्ध हो जाता है।
डॉ सोनकर ने बताया कि अगर इस पानी में बैक्टीरिया होते या पैथोजन होता तो ये महामारी बन जाती। बकौल डॉ सोनकर, गंगा के भीतर सेल्फ क्लीनिंग एबिलिटी होती है जिसकी वजह से पैथोजन और बैक्टीरिया समाप्त हो जाते हैं। गंगा में 1100 स्पाइसेस होती है जिससे बैक्टीरियोफेज होता है और ये बैक्टीरियोफेज बैक्टीरिया को मारता है।
