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किस राजा को हिरण के श्राप के कारण 100 सालों तक बाघ बनकर रहना पड़ा? KBC का सवाल

Which King Had To Live As A Tiger For A Hundred Years: किस राजा को हिरण के श्राप के कारण 100 सालों तक बाघ बनकर रहना पड़ा था? अगर आप भी नहीं जानते हैं तो यहां जान लीजिए।

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KBC Question In Hindi: किस राजा को श्राप के कारण 100 साल तक बाघ बनकर रहना पड़ा

Which King Had To Live As A Tiger For A Hundred Years: इन दिनों केबीसी यानी कौन बनेगा करोड़पति का 18वां सीजन चल रहा है। इस सीजन की शुरुआत 10 अगस्त 2026 से हुई थी। इसकी मेजबानी महानायक अमिताभ बच्चन कर रहे हैं। यहां पूछे जाने वाले सवाल अक्सर दर्शकों की जानकारी को परखने के साथ साथ उन्हें भारतीय इतिहास, पौराणिक कथाओं और संस्कृति से जुड़ी रोचक बातें जानने का मौका भी देते हैं। ऐसा ही एक सवाल कौन बनेगा करोड़पति में साल 2023 में राजा और हिरण से जुड़ी पौराणिक कथा पर आधारित पूछा गया था। सवाल है कि किस राजा को हिरण के श्राप के कारण 100 सालों तक बाघ बनकर रहना पड़ा था? अगर आप भी नहीं जानते हैं तो यहां जान लीजिए।

क्या था उस राजा का नाम

बता दें यह सवाल साल 2023 में केबीसी में पूछे गया था। अधिकतर लोगों का जवाब राजा परीक्षित होगा। अगर आपका भी यही जवाब है तो आप गलत हैं। पद्म पुराण के अनुसार, राजा प्रभंजन को हिरण के अभिशाप के कारण सौ वर्षों तक बाघ के रूप में रहना पड़ा था।

राजा प्रभंजन की पौराणिक कथा

पौराणिक कथा में राजा प्रभंजन को एक शक्तिशाली और प्रभावशाली शासक बताया गया है, लेकिन एक घटना के कारण उन्हें लंबे समय तक पशु रूप में जीवन बिताना पड़ा। मान्यता के अनुसार, एक दिन राजा प्रभंजन जंगल में शिकार के लिए गए। उन्हें झाड़ियों में एक हिरणीं दिखी, उन्होंने उसपर बांण चला दिया, जिस समय हिरणी को बांण लगा वह अपने बच्चों को दूध पिला रही थी। बांण लगने पर हिरणी ने कहा कि तूने एक माता को तब मारा है, जब वह अपने बच्चे को दूध पिला रही थी। उसने राजा को श्राप दे दिया कि उन्हें मनुष्य का रूप छोड़कर बाघ के रूप में रहना पड़ेगा।

श्राप मिलने के बाद राजा प्रभंजन का जीवन पूरी तरह बदल गया। वे बाघ बनकर जंगल में रहने लगे। राजमहल, सुख-सुविधाएं और राजसी जीवन पीछे छूट गया। पौराणिक कथा के अनुसार, यह श्राप केवल कुछ दिनों का नहीं था, बल्कि 100 वर्षों तक चलने वाला था। इस दौरान राजा को अपने कर्मों का परिणाम भुगतने पड़ा।

Aditya Singh
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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