प्रयागराज

महाकुंभ 2025 के लिए योगी सरकार ने बनाया प्लान, पुलिसकर्मियों की सेहत का रखा जा रहा खास ख्याल

Maha Kumbh 2025: महाकुंभ 2025 को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने खास प्लान तैयार किया है। यूपी के प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ से पहले योगी सरकार मेला ड्यूटी में कार्यरत पुलिसकर्मियों की सेहत का ध्यान रख रही है। अधिकारियों ने इससे जुड़ी अहम जानकारी साझा की है।

Image

महाकुंभ (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Prayagraj: महाकुंभ मेला ड्यूटी में कार्यरत पुलिस कर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के उद्देश्य से एक विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 30 नवंबर को पुलिस लाइन परेड, कुंभ मेला प्रयागराज में आयोजित होगा। मालूम हो कि महाकुंभ में ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों पर बड़ी जिम्मेदारी होती है। उनकी सेवा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह चिकित्सा शिविर एक महत्वपूर्ण कदम है। इस शिविर के माध्यम से पुलिस कर्मियों को न केवल आवश्यक स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलेगी, बल्कि मानसिक तनाव से निपटने के लिए भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के लिए बनाया प्लान

चिकित्सा शिविर 30 नवंबर को प्रातः 11:00 बजे से शुरू होगा। पुलिस लाइन परेड, कुंभ मेला, प्रयागराज में आयोजित होने वाले इस शिविर का उद्देश्य महाकुंभ ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना, ताकि वे अपनी ड्यूटी बेहतर तरीके से निभा सकें। शिविर का संचालन वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, डॉक्टर गौरव दुबे की देखरेख में किया जाएगा। चिकित्सा शिविर अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निर्देशन में संपन्न होगा।

13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच 6 प्रमुख स्नान

अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, प्रयागराज मंडल ने इस आयोजन की जानकारी देते हुए कहा कि यह शिविर पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। महाकुंभ के दौरान 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच 6 प्रमुख स्नान होने हैं। उनमें 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा, 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या, 3 फरवरी को बसंत पंचमी, 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान होंगे।

योगी सरकार के मुताबिक, इस बार कुंभ का क्षेत्र बढ़ाया गया है। पहले 1,800 हेक्टेयर का क्षेत्र हुआ करता था, जो बढ़कर 2,000 हुआ, फिर 2,500 और कुंभ में यह 3,200 हेक्टेयर तक पहुंच गया। इस बार यह 4,000 हेक्टेयर के विस्तृत भूभाग में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए 25 सेक्टर बनाए गए हैं। इसके अलावा 1,850 हेक्टेयर की पार्किंग भी संगम तट से एक निश्चित स्थान पर प्रदान की जा रही है।

इसके अलावा 14 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जा रहे हैं। वहीं, 9 पक्के घाट बनाए जा रहे हैं, 7 रिवर फ्रंट रोड, 12 किलोमीटर का अस्थायी घाट और 7 बस स्टैंड बनाए जा रहे हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article