Chaitra Navratri 2023: सनातन संस्कृति की पौराणिक धर्म नगरी प्रयागराज वैसे तो आदिकाल से चली आ रही अपनी सनातनी परंपराओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। संगम के तीरे आस्था की बयार साल भर बहती रहती है। हिंदू धर्म की 3 सबसे पवित्र व पौराणिक नदियों का संगम भी यहीं होता है, जिससे इस प्राचीन नगरी का महत्व और प्रगाढ हो जाता है।
कुछ दिनों बाद माता की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रे आने वाले हैं। ऐसे में संगम नगरी में एक और खास महत्व वाला प्राचीन और पौराणिक स्थान है, जहां पर भक्त देवी मां की आराधना करते हैं। सनातन धर्म का 51 प्रमुख शक्तिपीठों में से 14वां शक्तिपीठ है मां आलोपशंकरी का मंदिर। संगम के तट पर मौजूद इस पौराणिक महत्व वाले मंदिर में नवरात्रों के दौरान यहां मां के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। खास बात ये है कि, यहां पर देवी मां की कोई प्रतीमा नहीं है। बस प्रतीकात्मक एक पालना है, जिसकी भक्त पूजा करते हैं।
