प्रयागराज

महाकुंभ में सबसे बड़ा ड्रोन शो, दिखा समुद्र मंथन का अद्भुत नजारा, आनंदमयी हुआ प्रयागराज

Mahakumbh Dron Show: 13 जनवरी से 23 फरवरी तक प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान यूपी पर्यटन विभाग ने महाकुंभ में सबसे बड़े ड्रोन शो का आयोजन किया। 2500 ड्रोन ने समा बांधते हुए आसमान में समुद्र मंथन और महाकुंभ की उत्पत्ति को चित्रित किया, जिसे देख श्रद्धालु गदगद हो गए।

Mahakumbh Dron Show: प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 144 साल में होने वाला महाकुंभ है। इसमें कई अलग-अलग चीजें देखने को मिल रही है। महाकुंभ को श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाने के लिए यूपी और केंद्र सरकार ने महाकुंभ मेले के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की। इस बीच संगम नगरी में महाकुंभ के दौरान सबसे बड़े ड्रोन शो का शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के अवसर पर महाकुंभ में ड्रोन शो ने चार-चांद लगा दिए। आसमान में महाकुंभ के इतिहास, कलाकृतियां और समुद्र मंथन का जीवंत चित्रण देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। बताया जा रहा है कि यह अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन शो है, जिसमें परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

तीन दिन के लिए किया ड्रोन शो का आयोजन

जानकारी के अनुसार, ड्रोन शो का आयोजन 24 से 26 जनवरी तक किया जा रहा है। आज यानी गणतंत्र दिवस पर शो का समापन होगा। राज्य के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महाकुंभ क्षेत्र को विश्व स्तरीय तीर्थ स्थल बनाया गया है। ड्रोन शो में ‘समुद्र मंथन’ की कथा और महाकुंभ की उत्पत्ति को दर्शाकर भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को तकनीक के साथ जोड़ा गया है।" बयान के अनुसार, ड्रोन शो में शुक्रवार को उप्र के स्थापना दिवस और शनिवार को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर विशेष प्रस्तुति दी गई। यह शो न केवल दर्शकों के लिए मनोरंजक रहा, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और तकनीकी कौशल का उत्सव भी बन गया। बयान के अनुसार, प्रयागराज के आसमान में नीली रोशनी और धार्मिक प्रतीकों के साथ 2,500 ड्रोन ने समां बांध दिया। दर्शकों ने इस अद्भुत दृश्य का आनंद लिया और इसे महाकुंभ 2025 का सबसे यादगार पल बताया।

ड्रोन शो का अद्भुत नजारा

एक साथ जब 2500 ड्रोन जब उड़े तो ऐसा लग रहा था जैसे हम किसी उल्का पिंड में हो और आसमान के तारे जमीन पर आ गए हैं आसमान में अलग-अलग कलाकृतियां श्रद्धालुओं का मन मोह रही थी,कभी शंख तो कभी समुद्र मंथन कभी अलग अलग तरह की ये कलाकृतियां लोगों को ताली बजाने पर मजबूर कर रही थी। इस ड्रोन शो में भारतीय गौरवशाली संस्कृति अध्यात्म और तकनीक का अनूठा समन्वय भी देखने को मिला। इस दरों शो को देखकर श्रद्धालु भी आश्चर्यचकित है उनका कहना है कि हम बहुत गौरवशाली है कि हम प्रयागराज के रहने वाले हैं और हमें यह सब देखने को मिल रहा है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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