प्रयागराज

Prayagraj News: करछना रेलवे स्टेशन का बदला लुक, हाईटेक सुविधाओं से हुआ लैस; ऐसी रहेंगी व्यवस्थाएं

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित करछना रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कायाकल्प किया गया है। इसके लिए करीब 9 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। अब यात्रियों को और भी बेहतर स‍ुविधाएं दी जाएंगी।

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(फाइल फोटो)

प्रयागराज : अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करछना रेलवे स्टेशन का भी उद्घाटन कर दिया गया है करछना रेलवे स्टेशन को 9.8 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भारत सरकार के रेल मंत्रालय की महत्‍वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 1,300 स्‍टेशनों को विश्‍वस्‍तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इसमें से 103 बनकर तैयार हैं। जिन्हें पीएम मोदी ने देश की जनता को समर्पित किया है। 103 में से 19 स्‍टेशन उत्तर प्रदेश के हैं। इसमें से एक स्‍टेशन करछना है, जिसे करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है। अब यात्रियों को और भी बेहतर स‍ुविधाएं दी जाएंगी। रेलवे की आज एक विकसित और बदली हुई तस्‍वीर जनता के सामने आई है।

प्रयागराज के स्‍थानीय निवासी विशाल ने कहा कि पहले लोगों को प्लेटफॉर्म पर आने-जाने में परेशानी होती थी। अब सब सुविधाओं से लोगों में उत्‍साह है। नए विकस‍ित करछना स्‍टेशन को देखकर मन खुश हो गया है। प्रधानमंत्री की सारी योजनाएं लोगों के हित में हैं।

स्‍थानीय महिला प्रियंका सिंह ने कहा कि हमारा देश हर दिन तरक्‍की के रास्‍ते पर बढ़ रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करछना रेलवे स्टेशन के कायाकल्‍प के लिए हम सब सरकार का बहुत आभार व्‍यक्‍त करते हैं। करछना अब पहले से अच्‍छा स्‍टेशन बन गया है। बैठने की अच्‍छी व्‍यवस्‍था और स्‍वच्‍छ पानी भी स्‍टेशन पर मिलने लगा है, शौचालय की व्‍यवस्‍था हो गई है। यह सब पहले नहीं था। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

एक अन्य महिला ने बताया कि इस योजना के तहत करछना स्‍टेशन का कायाकल्‍प किया गया है। स्‍टेशन अब साफ और स्‍वच्‍छ हो गया है। कई अन्‍य सुविधाएं दी जा रही हैं। सामान्‍य हॉल के साथ ही एसी वेटिंग हॉल की भी सुविधा दी गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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