Delhi Siliguri Bullet Train: पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए गुड न्यूज है। बुलेट ट्रेन नेटवर्क के विस्तार को लेकर एक बेहद बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को एक हाई-स्पीड रेलवे योजना की घोषणा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के लिए एक महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन नेटवर्क की कल्पना की है।
यह बुलेट ट्रेन कॉरिडोर देश की राजधानी दिल्ली को लखनऊ, वाराणसी और पटना होते हुए सीधे पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से जुड़ेगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी की करीब 1500 किलोमीटर की दूरी का सफर महज 6 घंटे में तय किया जा सकेगा।
साढ़े घंटे में पहुंचेंगे दिल्ली से बनारस
रेल मंत्री ने बताया कि इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के जरिए दिल्ली से वाराणसी (Delhi Varanasi Bullet Train) का सफर भी बेहद आसान हो जाएगा। वर्तमान में दिल्ली से वाराणसी की लगभग 865 किलोमीटर की दूरी को तय करने में 8 से 11 घंटे का समय लगता है, लेकिन बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद यह दूरी मात्र 3.5 घंटे में पूरी हो जाएगी।
अगर इस पूरे कॉरिडोर के रूट की बात करें तो यह दिल्ली से शुरू होकर नोएडा (जेवर), मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और बिहार के पटना से होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगा। हालांकि, यह प्रोजेक्ट कब शुरू होगा और कब तक पूरा होगा, इसकी आधिकारिक तारीखों का एलान अभी नहीं किया गया है। उम्मीद है कि इसकी भी घोषणा जल्द हो सकती है।
रेलमंत्री ने ममता सरकार पर साधा निशाना
कोलकाता के राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल के लिए रेलवे बजट में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उन्होंने पिछली यूपीए सरकार और टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब ममता बनर्जी खुद रेल मंत्री थीं, तब बंगाल को रेलवे विकास के लिए सालाना केवल 4,000 करोड़ रुपये मिलते थे। इसके विपरीत, पीएम मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए रिकॉर्ड 14,205 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
रेल मंत्री ने राज्य सरकार पर असहयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली राज्य सरकार के तहत अनुमति न मिलने के कारण कई परियोजनाएं अटकी रहीं। उन्होंने कोलकाता मेट्रो का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ मामलों में तो टीएमसी सरकार काम रोकने के लिए अदालत तक चली गई।इस कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने बंगाल की जनता को एक और बड़ी सौगात दी। उन्होंने घोषणा की कि अगलेपांच वर्षों में कोलकाता मेट्रो के बेड़े में 60 अत्याधुनिक 'नेक्स्ट जनरेशन' (अगली पीढ़ी की) ट्रेनें शामिल की जाएंगी। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद थे।
