Patna-Purnia Greenfield Expressway: पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर विवाद हो रहा है। बिहार के एक बड़े नेता पर अपने करीबी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा है। उन पर समस्तीपुर के सरायरंजन में अपने करीबी को फायदा पहुंचाने के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का अलाइनमेंट बदलवाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले पर अभी तक सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
24 से अधिक मकान और दुकान मालिकों ने लिखा पत्र
अलाइनमेंट बदलने से क्षेत्र के 24 से अधिक मकान और दुकान मालिकों ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर रूट परिवर्तन की निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक्सप्रेसवे के मूल रूट में बाद में बदलाव किया गया, जिससे कुछ प्रभावशाली लोगों की जमीन बच गई जबकि अब बड़ी संख्या में आम नागरिकों के घर, दुकानें और शैक्षणिक संस्थान प्रभावित होने की आशंका है।आरोप है कि विनीत ईश्वर उर्फ बॉबी ईश्वर और उनके परिवार की पुराने अलाइनमेंट के कारण लगभग 10.5 बीघा जमीन प्रभावित हो रही थी। लोगों का दावा है कि बाद में रूट में हुए बदलाव के कारण वो जमीन बच गई।
पथ निर्माण विभाग ने आरोपों का खंडन किया
हालांकि पथ निर्माण विभाग ने इन आरोपों का खंडन किया है, एक प्रेस रिलीज जारी कर विभाग के तरफ़ से इन आरोपों को भ्रामक बताया गया है रिलीज में विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने स्पष्ट किया है कि किलोमीटर 48+000 से किलोमीटर 53+000 के बीच संरेखण में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव या विचलन (Deviation) नहीं किया गया है। भूमि अधिग्रहण की वर्तमान में जारी पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से मूल रूप से स्वीकृत संरेखण के अनुसार ही संचालित की जा रही है।सचिव ने बताया कि परियोजना के किलोमीटर 48 से 53 के बीच किसी के प्रभाव में संरेखण बदलाव का दावा जमीनी हकीकत और तथ्यों से पूरी तरह परे है।
