पटना

ऑनलाइन गेम में हार गया 5 लाख रुपये, फिर युवक ने रची खतरनाक साजिश, पुलिस ने बिगाड़ दिया खेल

बिहार से किडनैपिंग का एक हैरान कर देने वाला केस सामने आया है। यहां एक युवक ऑनलाइन गेम में 5 लाख रुपये हार गया और फिर उसने अपने ही अपहरण की साजिश रची। पुलिस ने उसके इस खेल का खुलासा करते हुए उसे ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार कर लिया है।

Image

ऑनलाइन गेम की लत

Photo : Twitter

आजकल युवाओं को ऑनलाइन गेम खेलने का ऐसा चस्का लगा है कि वह अपनी सुध-बुध खो देते हैं। ऑनलाइन गेम के चक्कर में फंसकर वह न सिर्फ अपना करियर बर्बाद कर देते हैं, बल्कि जमा पूंजी भी लुटा बैठते हैं। ऐसी ही कहानी बिहार के एक युवक की है, जिसने ऑनलाइन गेम में 5 लाख गंवाने के बाद एक खतरनाक साजिश रची। अच्छी बात ये रही कि पुलिस ने इस खेल का भंडाफोड़ कर दिया।

कहानी बिहार की राजधानी पटना के पास दानापुर की है। भाजपा नेता राजेश कुमार सिंह का बेटा आशु 6 दिन से लापता था। आखिरकार पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा से बरामद कर लिया। पुलिस ने जानकारी दी कि वह बैटल ग्राउंड मोबाइल इंडिया (BMGI) नामक एक ऑनलाइन गेम में 5 लाख रुपये हार गया था। गेम खेलने के लिए उसने शिवम नाम के एक शख्स से 5 लाख रुपये कर्ज लिया था। इस कर्ज को चुकाने के लिए आशु ने स्वयं अपने ही अपहरण का साजिश रची।

आज यानी शनिवार 29 जून को ASP दीक्षा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दी कि आशु की किडनैपिंग को लेकर 23 जून को मामला दर्ज किया गया था। थानाध्यक्ष पीके भारद्वाज के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई। तकनीकी जांच में मिले सबूतों और संदिग्धों से पूछताछ में पता चला कि आशु BMGI की आईडी खरीदकर बिक्री का काम करता था। इसी काम के लिए उसने शिवम से एक एग्रीमेंट किया था और पांच लाख रुपये उधार लिए थे।

शिवम ने जब आशु से अपने रुपये मांगे तो आशु ने शिवम को झूठे किडनैपिंग केस में फंसाने के लिए अपने ही अपहरण की साजिश रची। जांच में पता चला कि आशु ग्रेटर नोएडा के बीटा सेक्टर-2 में अपने दोस्त सूरज के साथ रह रहा है। बस फिर क्या था, एएसपी दीक्षा ने नोएडा पुलिस की मदद से सूरज के घर पर छापा मारा और आशु व सूरज पकड़े गए।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article