बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है। पटना में सीएम नीतीश ने कहा कि मैंने अपने राजनीतिक करियर के दौरान कभी भी किसी मुद्दे पर टिप्पणी या दखल नहीं दिया है। वह (पीएम मोदी) जो कुछ भी कहते हैं, उनकी आदत है। वे जो करना चाहते हैं उन्हें करने दें। कोई काम नहीं हो रहा सिर्फ विज्ञापन हो रहा है।
नीतीश कुमार और बीजेपी की अदावत और दोस्ती की कहानी नई नहीं है। बिहार महागठबंधन में जाने से पहले नीतीश ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। इससे पहले वह महागठबंधन के साथ ही थे, लेकिन आरजेडी का साथ छोड़कर बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली थी।
अगले साल तक बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। मुकाबला बीजेपी और महागठबंधन में होगा जिसमें जेडीयू के अलावा आरजेडी और कांग्रेस भी शामिल हैं।
पीएम मोदी का विपक्ष पर निशाना
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को दिल्ली में बीजेपी के नए भवन का उद्घाटन के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विपक्ष पर हमला बोला था। उन्होंने कहा कि कुछ दलों ने मिलकर भ्रष्टाचारी अभियान छेड़ा हुआ है। भ्रष्टाचारी मित्र एक साथ आ गए हैं। भ्रष्टाचार रुकेगा तभी देश आगे बढ़ेगा। किसी भी हाल में भष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं रूकेगी।
पीएम ने कहा था कि वे कितने भी झूठे आरोप लगाएं, देश सब जानता है। जहां जाता हूं लोग कहते हैं रूकना मत। मुझे जेल में डालने के लिए क्या-क्या नहीं किया। बीजेपी को डगर-डगर परिवारवाद से लड़ना है। जातिवाद से लड़ना है। कार्यकर्ता लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहें।
