पटना

Patna News: पटना में हुई सब्जी की लूट, गाड़ी पलटी तो दौड़ पड़े लोग; देखें Video

Patna News: पुलिस ने बताया आसनसोल से सब्जी लेकर एक पिकअप वाहन पटना मीठापुर की ओर जा रही थी। जैसे ही पिकअप वाहन एनएच 30 पर महादेव स्थान के नजदीक पहुंचे। दूसरी तरफ से आ रहे वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों गाड़ियां पलट गई। इसके बाद लोग सड़क पर फैली सब्जी लूटने के लिए टूट पड़े।

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Vegetables looted in Patna

Photo : Times Now Digital

Patna News: बिहार की राजधानी पटना में एक सब्जी लदा पिकअप वाहन पलटने के बाद सब्जी की जमकर लूट हुई। इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें लोग एक-दूसरे पर चढ़कर सब्जी लूटते हुए दिख रही है। दरअसल, यहां बाईपास थाना क्षेत्र के महादेव के पास तेज रफ्तार एक वाहन ने पिकअप वाहन को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए। इस घटना में दोनों वाहन हाईवे पर पलट गए, जिससे पिकअप पर लदी सब्जी सड़क पर फैल गई।

उधर, घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों ही वाहनों को कब्जे में ले लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद दूसरे वाहन का ड्राइवर मौके पर फरार हो गया। जबकि पिकअप वाहन का खलासी घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, आसनसोल से सब्जी लेकर एक पिकअप वाहन पटना मीठापुर की ओर जा रही थी। जैसे ही पिकअप वाहन एनएच 30 पर महादेव स्थान के नजदीक पहुंचे। दूसरी तरफ से आ रहे वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों गाड़ियां पलट गई। पिकअप वाहन के ड्राइवर और खलासी गाड़ी में ही फंस गए। सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और लोगों ने किसी तरह गेट तोड़कर ड्राइवर और खलासी को बाहर निकाला। खलासी को गहरी चोट लगी है, जिसे इलाज के लिए पास के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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