पटना

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के भाई को नहीं मिला सही इलाज, हो गई मौत; परिजनों ने अस्पताल में काटा बवाल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 18, 2023, 03:36 PM IST

बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था के लचर हालात का आलम ये है कि केंद्रीय मंत्री के भाई को भी सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था पर केंद्रीय मंत्री के परिजनों के द्वारा सवाल उठाया जा रहा है। आरोप है कि जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीनियर डॉक्टर नहीं रहते हैं जिसकी वजह से आए दिन यहां पर लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ होता है।

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केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के भाई की मौत

Photo : ANI

बिहार (Bihar) के पूर्व स्वास्थ्य मंंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे (Ashwini Choubey) के भाई की मौत राज्य के एक सरकारी अस्पताल में हो गई है। दावा किया जा रहा है कि सही इलाज नहीं मिलने के कारण अश्वनी चौबे के भाई निर्मल चौबे की मौत हुई है। इसे लेकर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया है।

भागलपुर में भर्ती

भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बीते तीन दिनों से इलाज के लिए निर्मल चौबे भर्ती थे। निर्मल चौबे सेना से रिटायर थे और भागलपुर के आदमपुर में रहते थे। तीन दिन पहले निर्मल चौबे का दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उन्हें यहां भर्ती कराया गया था। यहां उनका इलाज आईसीयू में चल रहा था।

लगे गंभीर आरोप

निर्मल चौबे के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में सीनियर डॉक्टर नहीं थे, आईसीयू में डॉक्टर नहीं था, जिसके कारण उनका इलाज सही तरीके से नहीं हुआ और उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने जमकर बवाल काटा। जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और परिजनों को शांत कराया।

अस्पताल ने क्या कहा

अस्पताल अधीक्षक डॉ. असीम दास ने कहा- 'मरीज को गंभीर हालत में लाया गया था। पता चला कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। वरिष्ठ चिकित्सक ने आवश्यक दवा दी। इसके बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया लेकिन परिजन कह रहे हैं कि वहां कोई डॉक्टर नहीं था। मैंने 2 डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है।'

पुलिस ने क्या कहा

भागलपुर सिटी के डीएसपी अजय कुमार चौधरी ने कहा- 'हमें जब भी शिकायत मिलेगी हम जांच कराएंगे। जो भी लापरवाही करेगा उसके खिलाफ हम कार्रवाई करेंगे।'

लगते रहा है आरोप

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लापरवाही का आरोप लगते रहा है। आरोप है कि यहां सीनियर डॉक्टर नहीं रहते हैं जिसकी वजह से आए दिन यहां पर लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ होता है।

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