पटना

बिहार के समस्तीपुर में एल्युमिनियम फैक्ट्री का बॉयलर ब्लास्ट, 2 की मौत, 3 घायलों की स्थिति नाजुक

बिहार के समस्तीपुर स्थित एल्युमिनियम फैक्ट्री का बॉयलर फटने से दो लोगों की मौत हो गई और तीन लोग घायल हैं। तीनों घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

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समस्तीपुर के एल्युमिनियम फैक्ट्री के बॉयलर में ब्लास्ट

समस्तीपुर: वैनी थाना क्षेत्र में बुधवार को एक एल्युमिनियम फैक्ट्री में बॉयलर फटने से दो मजदूरों की मौत हो गई जबकि तीन मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। बताया जा रहा है कि बैनी थाना क्षेत्र में एक एल्यूमिनियम फैक्ट्री में बुधवार को दुर्घटना हो गई। इस फैक्ट्री में एल्यूमिनियम से बर्तन बनाए जाते थे। फैक्ट्री में अन्य दिनों की तरह मजदूर काम कर रहे थे, तभी अचानक तापमान बढ़ने से ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट होने से अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत तथा बचाव कार्य शुरू किया।

सदर अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि इस घटना में एक व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई है जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीनों घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

इनकी हुई मृत्यु

उन्होंने बताया कि एक अन्य मजदूर की भी मौत हो गई है। मृतकों की पहचान दरभंगा के संजय यादव और मुजफ्फरपुर के चंद्रेश्वर यादव के रूप में हुई है। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, एल्यूमिनियम फैक्ट्री में ब्लास्ट की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कवायद में लग गई। सुरक्षा की दृष्टि से फैक्ट्री के आसपास से लोगों को खाली कराया गया। फैक्ट्री में धमाके के समय कुल पांच मजदूर बताए गए। राहत और बचाव कार्य जारी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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