पटना

Patna Municipal Corporation: पटना में घर बनाते समय बरतें यह सावधानी, नहीं तो भरना पड़ेगा जुर्माना

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 2, 2023, 01:26 PM IST

Patna News: राजधानी की हवा जहरीली हो गई है। यहां वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे कम करने के लिए नगर निगम ने निर्माण कार्यों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अब भवनों का निर्माण ढंककर करना है। इसके साथ ही निर्माण सामग्री को खुला नहीं छोड़ना है। अगर, कोई नियम का उल्लंघन करते हुए पाया जाएगा तो उससे जुर्माना वसूला जाएगा। नगर निगम ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिया है।

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पटना नगर निगम

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • सड़क पर निर्माण सामग्री रखी रही तो होगा जब्त
  • शहर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए पहल
  • भवन निर्माण के दौरान हरे रंग का कपड़ा इस्तेमाल करना अनिवार्य

Campaign of Patna Municipal Corporation: पटना में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए नगर निगम ने कुछ निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पूरे शहर में भवन निर्माण हरे रंग के कपड़े से ढंककर करना है। सड़क किनारे निर्माण सामग्री को भी ढंककर रखना है। फिलहाल जो लोग ऐसा नहीं कर रहे हैं, उन्हें 6 मार्च तक का समय दिया गया है। इसके बाद नियम का उल्लंघन करते हुए पकड़े जाने पर निगम द्वारा जुर्माना वसूला जाएगा। वहीं, सड़क किनारे खुली पड़ी सामग्री को जब्त कर लिया जाएगा।

6 मार्च की रात हर वार्ड में नगर निगम की 50 टीमें ऐसे भवनों को चिह्नित करेगी, जो पर्यावरणीय नियमों को तोड़ रहे हैं। रात में जियो टैगिंग के जरिए उसकी तस्वीर ली जाएगी और अगले दिन उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। इस बारे में नगर निगम के आयुक्त अनिमेश कुमार पराशर के निर्देश पर हर वार्ड के लिए टीम गठित की जा रही है। यह टीम सभी वार्ड में एक साथ रात में भ्रमण करेगी।

पटना का औसत एक्यूआई 272

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के अनुसार पटना का औसत सूचकांक 272 है। शहर के छह इलाकों में सबसे अधिक गांधी मैदान इलाके की हवा खराब है। इस इलाके का एक्यूआई 329 है। इस इलाके की हवा में सबसे अधिक धूल-कण की मात्रा है। जबकि समनपुरा इलाके का एक्यूआई 300, दानापुर का 289, राजवंशी नगर का 244, तारामंडल परिसर का 183 और पटना सिटी इलाके का एक्यूआई 288 है।

बड़ी इमारतों के निर्माण में भी नियम का पालन

शहर में निर्माणाधीन बड़ी इमारतों को भी हरे रंग के कपड़ों से नहीं ढंका गया है। शहर के जिन इलाकों की हवा अधिक खराब है, वहां भी लोग जागरूक नहीं हैं। जबकि नगर निगम द्वारा पिछले दो साल से यह अपील की जा रही है। अब निगम कार्रवाई करने के लिए तैयार है। दरअसल, निगम द्वारा वायु की गुणवत्ता सुधारने के लिए तमाम प्रयास किए जा चुके हैं। हर दिन निगम द्वारा पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। सड़क किनारे से बालू एवं अन्य चीजों का उठाव करवाया जा रहा है। इसके बाद भी हवा की गुणवत्ता नहीं सुधर रही है।
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