पटना

गया में ट्रायल के दौरान वंदे भारत पर फेंका पत्थर, ट्रेन की खिड़की का कांच टूटा

बिहार के गया में वंदे भारत के ट्रायल रन के दौरान उस पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई है। एक युवक ने ट्रायल रन के दौरान ट्रेन पर पत्थर फेंक दिया, जिसमें ट्रेन का शीशा टूट गया। आरोपी की तलाश की जा रही है।

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गया में वंदे भारत पर फेंका गया पत्थर

Photo : Times Now Digital

छोटी दूरी के लिए सबसे अच्छी और तेज मान जाने वाली वंदे भारत को पसंद करने वालों की कोई कमी नहीं है। देश के तमाम शहर अपने यहां वंदे भारत ट्रेन चलाने के लिए रेलवे के पास आते हैं। लेकिन बिहार के गया में इसी वंदे भारत ट्रेन के ट्रायल के दौरान एक युवक ने उस पर पत्थर फेंक दिया। इस घटना में वंदे भारत ट्रेन के एक कोच में लगी खिड़की का कांच टूट गया।

हुआ ये कि धनबाद रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले गया के बंधुआ-टनकुपा स्टेशन के बीच किसी युवक ने ट्रेन की तरफ पत्थर फेंक दिया। यह ट्रेन टाटा से गया होते हुए जा रही थी। ट्रायल रन के दौरान हुई इस घटना में ट्रेन का कांच टूट गया। पुलिस पत्थर फेंकने वाले युवक की तलाश कर रही है।

Vande Bharat Broken window.

वंदे भारत ट्रेन का शीशा टूटा

छोटी दूरी के लिए चलाई जा रही वंदे भारत ट्रेन भारत की सेमी-हाइस्पीड ट्रेन है। यह ट्रेन खूबसूरत भी है और इसकी सुविधाएं भी अन्य ट्रेनों से बेहतर हैं। लेकिन कई राज्यों में वंदे भारत पर पहले भी पथराव की खबरें आ चुकी हैं।

वंदे भारत ट्रेनों की सफलता को देखते हुए सरकार ने छोटी दूरी के शहरों के बीच ईएमयू की जगह वंदे भारत मेट्रो और लंबी दूरी के लिए वंदे स्लीपर ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। हाल ही में वंदे स्लीपर के कोच से पर्दा हटा है और पहली ट्रेन कोच फैक्टरी से बाहर निकली है। जल्द ही वंदे स्लीपर के शानदार सफर का आनंद आप ले पाएंगे।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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