पटना

नहीं थम रही पथराव की घटनाएं, बिहार में फिर वंदे भारत ट्रेन पर फेंके गए पत्थर; टूटे खिड़की के शीशे

वंदे भारत एक्सप्रेस पर सेमरा और सुगौली स्टेशन के बीच सोमवार शाम को पथराव हुआ, जिसमें सी-06 बोगी की खिड़की का शीशा टूट गया। हालांकि किसी यात्री को चोट नहीं आई है। यह मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेलखंड में पथराव की छठी घटना है। आरपीएफ CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान में जुटी है।

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वंदे भारत एक्सप्रेस - फाइल फोटो (PC - istock)

Photo : iStock

Stone Pelting on Vande Bharat Train: बिहार में एक बार फिर वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की घटना सामने आई है। सोमवार को असामाजिक तत्वों ने पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत ट्रेन को अपना निशाना बनाया। पथराव के कारण ट्रेन की खिड़की का शीशा टूट गया। गनीमत की बात है कि इस घटना मे किसी को चोट नहीं आई है। पिछले कुछ दिनों में वंदे भारत पर यह तीसरी घटना है, जिससे यात्रियों में डर का माहौल बन गया है।

CCTV फुटेज से दोषियों की पहचान

यह घटना सेमरा और सुगौली स्टेशन के बीच शाम 6:40 बजे हुई, जब ट्रेन की सी-06 बोगी की खिड़की पर असामाजिक तत्वों ने पत्थर फेंके। आरपीएफ पोस्ट कमांडर भरत प्रसाद ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से दोषियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर पथराव की छठी

वंदे भारत ट्रेन के परिचालन के बाद से मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर यह छठी पथराव की घटना है। रविवार रात को भी पश्चिम चंपारण के चनपटिया स्टेशन के पास वंदे भारत ट्रेन पर पथराव हुआ था, जिसमें ट्रेन के गेट और खिड़की के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस मामले में चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है।

आरपीएफ लगातार पथराव रोकने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन घटनाएं थम नहीं रही हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की रक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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