पटना

Sharad Yadav: अपनी शर्तों पर जीने वाले नेता, जिन्होंने लालू से दोस्ती भी निभाई और 'दुश्मनी' भी

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 13, 2023, 06:27 AM IST

Sharad Yadav: दिग्गज समाजवादी नेता शरद यादव का गुरुवार को निधन हो गया। वो 75 साल के थे। शरद यादव पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। शरद यादव बिहार की राजनीति के वो नाम थे, जिसे शायद ही कभी भुलाया जा सकता है। एमपी में पैदा हुए शरद यादव बिहार से ही राजनीति करते थे।

Image

कभी लालू यादव के धुर विरोधी थे शरद यादव

Photo : Twitter

Sharad Yadav: बिहार के दिग्गज नेता, समाजवादी विचारों से प्रभावित, लालू को उखाड़ फेंकने वाली टीम का हिस्सा और अपनी शर्तों पर जीने वाले नेता... शरद यादव कुछ इसी तरह से इतिहास में याद किए जाएंगे। हालांकि जीवन के अंतिम पड़ाव में वो उसी लालू यादव के पास चले गए, जिनके खिलाफ उन्होंने कभी राजनीति में बुलंदियों को छुआ था। इन्होंने दोस्ती और 'दुश्मनी' दोनों खूब निभाई। लालू से राजनीतिक दोस्ती टूटी तो सत्ता से उखाड़ फेंकने में जुट गए और फिर दोस्ती हुई तो उस नीतीश का भी साथ छोड़ दिया, जिनके साथ मिलकर कभी लालू से गद्दी छिनी थी।

लालू को उखाड़ने में भूमिका

बिहार में लालू यादव जब एकछत्र राज कर रहे थे तब उन्हें सत्ता से उखाड़ फेंकने में शरद यादव ने बड़ी भूमिका निभाई थी। जिस तिकड़ी के सहारे भाजपा, जदयू के साथ बिहार में सत्ता में आई थी, उसमें शरद यादव भी शामिल थे। इनके अलावा नीतीश कुमार और जॉर्ज फर्नांडिस का नाम इस लिस्ट में शामिल है। तीनों एक ही पार्टी के नेता थे। शरद यादव तो मधेपुरा से लालू के खिलाफ कई बार चुनाव लड़ चुके हैं। जिसमें उन्होंने राजद सुप्रीमो को मात भी दिया है और मात खाई भी है। हालांकि राजनीति की शुरुआत में सभी दोस्त हुआ करते थे।

नीतीश से अलगाव

शरद यादव एक समय में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हुआ करते थे। राजनीति में नीतीश और शरद की जोड़ी हिट थी। 2015 में शरद यादव, नीतीश कुमार के साथ लालू यादव के साथ गठबंधन में आ गए, राज्य में महागठबंधन की सरकार बनी, लेकिन 2017 में नीतीश, लालू से अलग हो गए और फिर से भाजपा के साथ चले गए। नीतीश के इस फैसले से शरद खफा हो गए, उन्होंने इसका विरोध किया। जिसके कारण वो जदयू से बाहर हो गए।

अंतिम पड़ाव में लालू के साथ

नीतीश से अलग होने के बाद शरद यादव ने 2018 में अपनी अलग पार्टी बना ली, लेकिन सफल नहीं रहे। जिसके बाद उन्होंने अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में अपनी पार्टी का लालू यादव की पार्टी में विलय करा दिया।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article