बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं और अभी से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। एक तरफ सरकार अपनी उपलब्धियां गिना रही है तो दूसरी तरफ विपक्ष सरकार की खामियों पर रोशनी डाल रहा है। इस बीच व्यक्तिगत आरोप और लांछन भी लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जनसुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला किया है।
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि उनकी बात गलत है, तो नीतीश कुमार उन्हें मानहानि के मामले में जेल भेज सकते हैं। उन्होंने मुजफ्फरपुर में एक दलित बेटी के बलात्कार और हत्या की घटना पर नीतीश कुमार की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री ने इस गंभीर मामले पर कोई बयान नहीं दिया।
पीके ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं, जिससे वे बिहार का नेतृत्व करने के लिए फिट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी स्थिति साबित करनी चाहिए और यदि वे सही हैं, तो उन्हें उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करना चाहिए।
इसके अलावा, प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा, आरोप लगाते हुए कि बिहार को मजदूरों का प्रदेश बनाया जा रहा है, ताकि गुजरात की फैक्ट्रियों में मजदूरों की कमी न हो। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मोदी के पिछले 11 वर्षों में बिहार में एक भी फैक्ट्री क्यों नहीं लगी, जबकि बिहार के लोग अन्य राज्यों में काम कर रहे हैं। पीके ने भाजपा नेताओं से अपील की है कि वे बिहार की 13 करोड़ जनता पर ऐसे मुख्यमंत्री को न थोपें।
