पटना

ट्रैक्टर का गोदाम कर रहा था बिहार को मदहोश, 2 लाख की शराब पकड़ी गई

बिहार के सिवान में पुलिस ने छापेमारी कर लगभग 2 लाख रुपये की अवैध शराब बरामद की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर यहां के गुठनी में एक ट्रैक्टर गोदाम में छापा मारकर यह 32 कार्टन शराब बरामद की है।

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बिहार के सिवान में 2 लाख की शराब पकड़ी गई

Photo : Twitter

बिहार में शराबबंदी लागू है। कहने को तो बिहार में शराब रखना, खरीदना-बेचना सब कुछ मना है। लेकिन बिहार में शराबबंदी के बाद शराब तस्करी एक बड़े धंधे के रूप में उभरा है। अक्सर शराब तस्करी का मामले सामने आते रहते हैं। राज्य में सीवान जिले के गुठनी में एक ट्रैक्टर गोदाम से 2 लाख रुपये की शराब पकड़ी गई है।

पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर गुठनी में जतौर बाजार के पास छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान ट्रैक्टर के तहखाने से भारी मात्रा में शराब बरामद की गई। थानाध्यक्ष विकास कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें तस्करों के ताली गांव के रास्ते शराब लाने की योजना के बारे में पुलिस को जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस की एक टीम बनाकर सघन जांच शुरू की गई।

पुलिस की छापेमारी में 32 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की गई। बरामद की गई शराब की बाजार कीमत लगभग 1 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान छपरा जिले में मांझी थाना क्षेत्र के भलुआ बुजुर्ग गांव निवासी कृष्णा यादव उर्फ गोलू के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बताया गया गया कि शराब के खिलाफ इस तरह का अभियान आगे भी जारी रहेगा। गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि ट्रैक्टर गोदाम में छिपाकर रखी शराब की डिलीवरी दरौली में की जानी थी।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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