Patna News: बिहार की राजधानी पटना में रियल स्टेट कारोबारी से साढ़े तीन करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में नया खुलासा हुआ है। रंगदारी की रकम नहीं देने पर बदमाशों ने रियल स्टेट कारोबारी की हत्या की साजिश रची थी। पूरा प्लान तैयार हो गया था। हत्या करने वाले बदमाशों को हथियार तक मुहैया करा दिए गए थे। रियल स्टेट कारोबारी की हत्या के लिए बदमाशों को 20 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पांच लाख रुपये एडवांस में दिए गए थे। लेकिन पटना पुलिस की सतर्कता की वजह से बदमाशों का प्लान विफल हो गया।
पटना पुलिस ने साजिश को बेनकाब कर दिया है। पुलिस ने हत्या की साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पटना एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो के अनुसार, मामले छह बदमाशों को अरेस्ट किया है। हत्या की वारदात की साजिश बिहार की सबसे बड़ी बेउर जेल में रची गई थी।
मरचा-मर्ची क्षेत्र की एक जमीन से जुड़ा है पूरा मामला
उन्होनें आगे बताया कि, रियल स्टेट कारोबारी की हत्या के लिए जेल में बंद रवि गुप्ता नाम के बदमाश ने ही सारी योजना तैयार की थी। दरअसल, पूरे मामले के पीछे पटना सिटी के मरचा-मर्ची क्षेत्र की एक जमीन का झगड़ा है। जमीन की कीमत बहुत अधिक है। इसी जमीन को लेकर हत्या की प्लानिंग रची गई थी। रियल स्टेट कारोबारी के बयान पर आलमगंज थाना में मुकदमा दर्ज हुआ था। जेल में जिन बदमाशों ने मिलकर यह पूरी साजिश रची, उन सभी बदमाशों को अलग-अलग सेल में डाल दिया गया है। पुलिस सभी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
जेल में अपराधियों के पास मिले थे 19 मोबाइल
एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि, हत्या के अलग-अलग मामलों में पहले से ही बेउर जेल में कुख्यात अपराधी छोटू प्रिंस, रणविजय सिंह, विवेक पांडेय और मुन्ना सिंह बंद है। पटना सिटी कोर्ट में पेशी के बाद जब ये अपराधी 21 अक्टूबर को वापस बेउर जेल पहुंचे तो इनके पास से 19 मोबाइल और पौने दो किलो गांजा व अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ। जब 19 मोबाइलों की छानबीन की गई तो इसमें से एक मोबाइल में रियल एस्टेट कारोबारी की हत्या की साजिश का पुख्ता सबूत मिल गया। अपराधियों से पूछताछ की गई तो रियल स्टेट से जुड़े कारोबारी की हत्या करने की साजिश का खुलासा हुआ।
पटन देवी के पास से गिरफ्तार हुए अपराधी
एसएसपी ने बताया कि, गिरफ्तार अमित का भाई कुख्यात अपराधी रवि गुप्ता उर्फ सिंघाड़ा हत्या के मामले में पिछले चार वर्ष से जेल में बंद है। जेल में ही बंद मोबाइल फोन की तस्करी करने वाले विक्की पांडेय और छोटू प्रिंस ने ही रवि गुप्ता से संपर्क किया। तीनों ने मिलकर जेल में योजना बनाई। इसके बाद रवि ने जेल के अंदर से ही अपने भाई अमित से बातचीत की। इस पर अमित ने शमशाद उर्फ शाका से बातचीत की। विक्की पांडेय और छोटू प्रिंस से वारदात को अंजाम देने के लिए गाड़ी और हथियार उपलब्ध कराए। अपराधियों ने कारोबारी की हत्या के लिए सबसे पहले धनतेरस की रात कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हो पाए। इसके बाद दिवाली की रात वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। इसके लिए बदमाश कारोबारी का पीछा कर रहे थे, इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिल गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पटन देवी के पास से इन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।
