Patna Metro Update: पटनावासियों को पटना मेट्रो में सफर करने के लिए थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ेगा। पटना मेट्रो का काम तय समय से काफी पीछे चल रहा है। अभी तक पटना मेट्रो का सिर्फ 5 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है।
कितना पीछे
संसद के चालू सत्र में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पटना मेट्रो परियोजना 31 जनवरी 2023 तक केवल 5 प्रतिशत काम पूरा होने के साथ निर्धारित समय से पीछे चल रही है। भारत सरकार ने फरवरी, 2019 में पटना मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी की तारीख से पांच साल की अवधि में पूर्ण करने की मंजूरी दी थी। जो बाद में 2027 तक बढ़ गया है। अगर इसी रफ्तार से काम हुआ तो इसमें और देरी हो सकती है।
कैसा होगा पटना मेट्रो
6.6 किलोमीटर के प्राथमिकता वाले कॉरिडोर के साथ पांच एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन मलही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरो माइल और पाटलिपुत्र आईएसबीटी में बनाए जाएंगे। दो कॉरिडोर, कॉरिडोर 1 (दानापुर-खेमनीचक) और कॉरिडोर दो के लिए इंटरचेंज स्टेशन खेमनीचक (पटना-स्टेशन-पाटलिपुत्र आईएसबीटी) होगा। यहां एक ही स्तर पर दो प्लेटफार्म मौजूद होंगे।
पटना को जाम से मुक्ति
पटना मेट्रो के बन जाने से बिहार की राजधानी पटना की तस्वीर ही पलट जाएगी। जाम से कराहती पटना की सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम हो जाएगा। यह परियोजना पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (PMRC) द्वारा विकसित की जा रही है। पीएमआरसी को फरवरी 2019 में बिहार सरकार ने बनाया था। पीएमआरसी ने रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) के साथ मिलकर मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण के लिए अंतिम विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की है।
कब मिली थी मंजूरी
राज्य और केंद्र सरकारों ने क्रमशः फरवरी 2016 और 2019 में परियोजना को मंजूरी दी थी। मेट्रो रेल परियोजना की आधारशिला फरवरी 2019 में रखी गई थी। परियोजना के पहले चरण के 2024 में परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि इसमें अब देरी हो सकती है।
