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Chandra Grahan Timing 2025: पटना में कब देख पाएंगे साल का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण, जानें आपके शहर में Blood Moon देखने का समय; भागलपुर, गया, दरभंगा में कब दिखेगा Eclipse

आज रात 7 और 8 सितंबर की रात को आसमान में एक मनमोहक खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा, जो कि एक पूर्ण चंद्र ग्रहण है। आमतौर पर इसे "ब्लड मून" के नाम से जाना जाता है। यह नजारा पटना समेत बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में साफ तौर पर देखा जा सकेगा। आइए जानते हैं पटना सहित बिहार के शहरों में चंद्र ग्रहण कब दिखाई देगा।

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बिहार के कई शहरों से दिखेगा अद्भुत नजारा

Photo : Times Now Digital

Lunar Eclipse Timing Patna: आज रात यानी 7 और 8 सितंबर की दरमियानी रात को इस साल की एक बेहद महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होने जा रही है, ये है पूर्ण चंद्र ग्रहण। आइए जानते हैं, आज का चंद्रग्रहण पटना समेत बिहार के कई शहरों में कितने बजे देखा जा सकेगा। इस चंद्र ग्रहण को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बहुत खास है, इस दौरान चंद्रमा एक गहरे लाल रंग में नजर आएगा, जिसे आमतौर पर "ब्लड मून" कहा जाता है।

पटना समेत इन शहरों में दिखेगा ग्रहण

भारतीय समयानुसार, पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में चंद्र ग्रहण की शुरुआत रात 9 बजकर 58 मिनट पर होगी। ग्रहण अपने चरम पर रात 11 बजकर 42 मिनट पर पहुंचेगा, जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में होगा और लालिमा लिए नजर आएगा और इसका समापन रात 1 बजकर 26 मिनट पर होगा। इस प्रकार, कुल ग्रहण की अवधि लगभग 3 घंटे 28 मिनट की होगी। जबकि पूर्ण ग्रहण यानी "ब्लड मून" का नजारा करीब 1 घंटे 22 मिनट तक दिखाई देगा।

कैसे और कहां देखें चंद्र ग्रहण?

यह चंद्र ग्रहण आम लोगों के लिए नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है। सूर्य ग्रहण की तरह इसे देखने के लिए किसी विशेष चश्मे या किसी और जतन की जरूरत नहीं होती। यदि आसमान साफ हो और प्रदूषण कम हो तो यह नजारा और भी साफ दिखाई देगा।

अगर आप अनुभव को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो आप दूरबीन या बाइनाक्युलर का उपयोग कर सकते हैं। इससे आप चंद्रमा की सतह और छाया के बदलते रूप को और करीब से देख सकेंगे। साथ ही, फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है।

क्या है ब्लड मून?

जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं, तब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस दौरान, पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की रोशनी को छानकर लाल और नारंगी रंग के प्रकाश को चंद्रमा की सतह पर भेजता है, जिससे चंद्रमा एक गहरे लाल रंग का दिखाई देता है। इसी वजह से इस दृश्य को "ब्लड मून" कहा जाता है।

इस बार का चंद्र ग्रहण और भी खास इसलिए है क्योंकि यह चंद्रमा के पेरिजी (Perigee) यानी पृथ्वी के सबसे नजदीकी बिंदु के करीब हो रहा है। इससे चंद्रमा सामान्य से कुछ बड़ा और चमकीला दिखाई देगा।

अगले साल खास होगा सूर्य ग्रहण

यह इस साल का दूसरा पूर्ण चंद्र ग्रहण है, पहला मार्च में हुआ था। इसके साथ ही यह 2022 के बाद अब तक का सबसे लंबा पूर्ण चंद्र ग्रहण भी होगा। खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए यह एक अद्भुत और दुर्लभ मौका है, खासकर तब जब आने वाले वर्ष में एक बड़ा पूर्ण सूर्य ग्रहण भी दिखाई देने वाला है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारी author

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृ... और देखें

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