बिहार की राजनीति पल-पल बदल रही है। सत्तारूढ़ महागबंधन से जीतन राम मांझी के बाहर चले जाने के बाद नीतीश कुमार ने दूसरे मांझी को जदयू में शामिल कर लिया है। नीतीश ने जीतन राम मांझी को अपनी पार्टी जदयू में विलय करने को कहा था लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद उन्हें गठबंधन से बाहर जाने के लिए मजबूर कर दिया। बाहर निकलते ही जीतन राम नीतीश कुमार पर हमलवार हो गए। इसके बाद नीतीश की पार्टी माउंटेन मेन के नाम से फेमस दशरथ मांझी के बेटे भगीरथ और दमाद मिथुन को जदयू में शामिल कर लिया।
दशरथ मांझी के बेटे भगीरथ और दामाद मिथुन जदूय में शामिल
बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) ने शुक्रवार को दावा किया कि पहाड़ काटकर रास्ता बनाने वाले दशरथ मांझी के दो करीबी परिजनों के पार्टी में शामिल होने से उसे मजबूती मिलेगी। मांझी के बेटे भगीरथ और दामाद मिथुन यहां जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, राज्यसभा सदस्य वशिष्ठ नारायण सिंह और मंत्रियों विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी और संजय कुमार झा जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए।
जीतन राम मांझी की काट साबित होंगे दशरथ मांझी के बेटे और दमाद?
जदयू द्वारा दशरथ मांझी के परिवार के सदस्यों को शामिल करने को जीतन राम मांझी की काट के तौर पर देखा जा रहा है,जिनका गया जिले में काफी प्रभाव है। जीतन मांझी भी दशरथ मांझी की तरह मुसहर जाति से हैं। इस मौके पर जदयू नेताओं ने जीतन मांझी की आलोचना की और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति कृतज्ञता नहीं रखने का आरोप लगाया।
जीतन राम मांझी बेटे दिया था मंत्री पद से इस्तीफा
इस मौके पर पार्टी विधायक रत्नेश सदा भी मौजूद थे। जिन्हें आज दिन में ही संतोष सुमन की जगह मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। सुमन ने कुछ दिन पहले मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा गठित हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख सुमन ने आरोप लगाया कि जदयू उनकी पार्टी (हम) पर विलय का दबाव बना रही है।
