मुजफ्फरपुर : बिहार में मनरेगा योजना के तहत बनाए गए 276 अमृत सरोवर पिछले दो वर्षों से सूखे पड़े हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा तैयार की गई सेटेलाइट सर्वे रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इन अमृत सरोवरों की स्थिति को लेकर मनरेगा आयुक्त अभिलाषा कुमारी शर्मा ने सभी संबंधित जिलों के उपविकास आयुक्तों को जांच के निर्देश दिए हैं।
सूखे पड़े अमृत सरोवर
हिंदुस्तान की रिपोर्ट में बताया गया है कि सूखे पड़े अमृत सरोवरों में मुजफ्फरपुर के पांच सरोवर भी शामिल हैं। अन्य प्रभावित जिलों में अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, मुंगेर, नालंदा, नवादा, पश्चिम चंपारण, पटना, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, रोहतास, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, शिवहर, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल और वैशाली शामिल हैं।
हिंदुस्तान की खबर के हवाले से मनरेगा आयुक्त ने कहा है कि इन सरोवरों में पानी न होने के कारणों की जांच की जाएगी और इसके लिए उठाए जा सकने वाले कदमों की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल की जाएगी। यह स्थिति पर्यावरण संरक्षण के लिए चिंता का विषय है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
