पटना

Mahashivratri in Patna: पटना के इन मंदिरों में पूजा करने से भगवान शिव पूरी करते हैं मुराद

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 16, 2023, 02:55 PM IST

Patna News: महाशिवरात्रि पर पटना जिले में शिव भक्तों की मंदिरों में काफी भीड़ उमड़ती है। कई प्राचीन मंदिर हैं, जहां अल सुबह से देर शाम तक श्रद्धालु पूजा करने आते हैं। महाशिवरात्रि को लेकर मंदिरों में तमाम तैयारियां चल रहीं हैं। मंदिर का रंग-रोगन हो चुका है। अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारी की जा रही है।

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पटना से सटे बैकटपुर गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • पटना से 40 किमी दूर स्थित है प्राचीन शिव मंदिर
  • बैकटपुर शिव मंदिर से श्रद्धालुओं की जुड़ी काफी आस्था
  • शहर का खाजपुरा शिव मंदिर में भी उमड़ते हैं श्रद्धालु


Patna Best Temple For Mahashivratri: इस साल शनिवार को महाशिवरात्रि है। इसको लेकर पिछले एक सप्ताह से मंदिरों का साज-सज्जा किया जा रहा है। कुछ ऐसे मंदिर हैं, जहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इन मंदिरों की काफी मान्यता है। इसमें सबसे पहले स्थान पर है-बैकटपुर गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर है। यह श्री गौरीशंकर बैकुंठधाम के नाम से भी चर्चित है। अहम बात है कि मंदिर में शिवलिंग के रूप में भगवान शिव संग मां पार्वती भी विराजमान हैं। शिवलिंग पर छोटे-छोटे 108 शिवलिंग भी बने हैं। इन छोटे शिवलिंगों को रुद्र कहा जाता है। दावा है कि पूरी दुनिया में बैकंठपुर जैसा शिवलिंग नहीं है।

दरअसल, इस गांव की चर्चा आनंद रामायण में बैकुंठा के रूप में है। रावण का वध करने से राम को ब्राह्मण हत्या का पाप लगा था। उससे मुक्ति पाने के लिए इस मंदिर में भगवान श्रीराम आए थे। भगवान श्रीराम ने शंकर जी की पूजा की थी। कई साल पहले मंदिर के आसपास जंगल थे। यहां ऋषि-मुनी तप किया करते थे।

सोनपुर स्थित हरिहरनाथ मंदिर

पटना से 26 किलोमीटर सोनपुर में हरिहरनाथ मंदिर है। बताया जाता है कि इस मंदिर को भगवान राम ने बनवाया था। तब वह स्वयंवर करने जा रहे थे। मंदिर में भगवान विष्णु और शिव की प्रतिमा है। इस वजह से मंदिर का महत्व काफी बढ़ जाता है। मंदिर में महाशिवरात्रि पर बहुत अधिक संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां सावन महीने में श्रावण मेले का आयोजन होता है। पटना से पटना से 129 किलोमीटर दूर लखीसराय जिले के बड़हिया के पास अशोक धाम मंदिर है। यह मंदिर इंद्र दमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी चर्चित है। मंदिर परिसर में तीन मंदिर हैं। इनमें मां पार्वती, दुर्गा और नंदी है। यहां का शिवलिंग काफी प्राचीन और सबसे बड़ा बताया जाता है।

300 साल पुराना है बाबा गरीबनाथ धाम का इतिहास

राजधानी से 70 किलोमीटर दूर मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ धाम का इतिहास 300 साल पुराना है। मान्यता है कि यहां पूजा करने वाले श्रद्धालु की हर मनोकामना पूरी हो जाती है। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बिहार और झारखंड के बंटवारे के बाद काफी बढ़ गई है। महाशिवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु शिवलिंग पर जल अर्पण करते हैं।

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