Bihar Karakat Lok sabha Election Result 2019 : कुर्सी की चाहत में बड़ी संख्या में माननीय चुनावी मैदान में उतरते हैं। चुनावी समर में प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों की बाढ़ सी आ जाती है। जनाधार की संभावना से परे होकर ये प्रत्याशी नामांकन कर जनता जनार्दन से आशीर्वाद की कामना करते हैं। दिन-रात की मेहनत का नतीजा कभी कभार पक्ष में आता है तो कभी निराशा के बोझ तले दब जाती है। इनमें से कुछ उम्मीदवार सम्मानजनक वोट हासिल कर हार का माला पहनते हैं तो कईयों की जमानत तक जब्त हो जाती है। कुछ इसी तरह की दशा 40 लोकसभा सीटों वाले राज्य बिहार में देखने को मिलती है। जी, हां यहां पिछले कई चुनाव पर डालें तो आंकड़े कुछ और ही बयां कर रहे हैं। एक सीट पर साल 2019 में 27 में 25 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। यानी की विनर और रनरअप को छोड़ दें तो बाकियों को उतने भी मत प्राप्त नहीं हुए, जिससे उनकी साख बच पाती।
2019 में बिहार लोकसभा चुनाव की स्थिति
चुनाव में किस्मत आजमाने बड़ी संख्या में प्रत्याशी नामांकन करते हैं। उनमें से कई नामांकन प्रपत्र रद्द होने से तो कई नाम वापसी के कारण मैदान में नहीं उतर पाते। आखिरी मुकाबले तक दो-तीन ही मैदान में टिके रहते हैं। अन्य की जमानत भी जब्त हो जाती है। 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो प्रदेशभर में 902 प्रत्याशियों ने नामांकन प्रपत्र दाखिल किया था। इस वर्ष मुकाबले में केवल 626 प्रत्याशी रह गए थे। उनमें से भी 546 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। केवल 80 प्रत्याशी ही जमानत बचा सके, जो विजेता और दूसरे स्थान पर थे। 2019 के बिहार लोकसभा चुनाव में कुल 57.3 प्रतिशत मतदान हुआ था।

बिहार लोकसभा चुनाव 2019 स्टेटस
37 प्रत्याशियों ने भरा नामांकन
2019 लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा प्रत्याशी पटना साहिब में 37 थे। मुजफ्फरपुर और काराकाट सीट पर भी इतने ही प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया था। हालांकि, नामांकन के बाद सबसे अधिक 27 प्रत्याशी काराकाट सीट से चुनाव लड़ने के लिए आगे आए थे। वहीं, पटना साहिब में मतदान तक 37 में 18 और मुजफ्फरपुर में 37 में 22 प्रत्य़ाशी ही बचे थे। शेष ने या तो अपना नामांकन वापस ले लिया था या तो बीच में ही मैदान छोड़कर किसी और को समर्थन दे चुके थे। वोटिंग के बाद जब चुनाव परिणाम आए तो नजारा कुछ और ही था। इन सभी जगहों पर महज दो उम्मीदवारों को छोड़ सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
2019 काराकट लोकसभा क्षेत्र परिणाम
2019 में काराकट लोकसभा क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रत्याशी महाबली सिंह को जीत नशीब हुई थी। उन्हें कुल 3,98,408 वोट प्राप्त हुए थे, जबकि रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को 3,13,866 मत प्राप्त हुए थे। वहीं, तीसरे नंबर पर बीएसपी के राज नारायण तिवारी को महज 21715 वोट मिले थे, जिनकी जमानत जब्त हो गई थी।
भोजपुरी स्टार पवन सिंह काराकट से लड़ रहे चुनाव
इस बार काराकट लोकसभा सीट का चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। क्योंकि, यहां से भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज स्टार पवन सिंह निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। लिहाजा, यहां त्रिकोणीय मुकाबला की आशंका है। उधर, पवन सिंह को भोजपुरी सिनेमा का मुख्य स्टार होने का फायदा मिलता दिखाई दे रहा है। पवन सिंह लगातार रोड शो के साथ-साथ गांव-गांव पहुंच कर लोगों से आशीर्वाद मांग रहे हैं। उधर, नीतीश कुमार की पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता पवन का सम्मान करते नजर आए हैं, जिससे जदयू के लिए इस बार राह आसान नहीं है। आपको बता दें कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल सीट से पवन सिंह को टिकट देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर टिकट लौटा कर काराकट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया है।
EVM में होती हैं इतनी बटन
जानकारी के लिए बता दें कि एक ईवीएम मशीन में महज 16 बटन ही होती हैं। अगर, उससे अधिक कैंडिडेट चुनावी मैदान में उतरते हैं तो शेष उम्मीदवारों के लिए अन्य मशीन लगाई जाती है। मसलन, किसी सीट पर 27 प्रत्याशियों ने भाग लिया है तो उनके लिए 2 ईवीएम मशीन का इंतजाम किया जाता है। दोनों मशीनों को जोड़कर एक साथ रखा जाता है, ताकि वोटर्स को अपने प्रत्याशी का सिंबल ढूंढने में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। तो अगर, बिहार की काराकाट सीट का पिछला आंकड़ा देखें तो करीब ढेड़ ईवीएम के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
