पटना

मेट्रो जैसी लग्जरी, 1000 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था, बिहार के इस रूट पर दौड़ने लगी नमो एक्सप्रेस ट्रेन

Bihar Namo Bharat Train: जयनगर-पटना नमो भारत रैपिड रेल सुबह 6 बजे जयनगर से चलकर 10 बजकर 30 मिनट पर पटना पहुंचेगी। अत्याधुनिक सुविधाओं वाली यह ट्रेन जहां यात्रा समय और किराया कम करेगी, वहीं मेट्रो ट्रेन जैसी सुविधाओं से लैस होगा।

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जयनगर-पटना नमो भारत (फोटो)

Bihar Namo Bharat Train: जयनगर पटना रूट पर प्रस्तावित नमो भारत एक्सप्रेस 24 अप्रैल को हरी झंडी मिलने के बाद दौड़ने लगी है। 6 डब्बों वाली इस लग्जरी ट्रेन में 1000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इस दौरान ट्रेन में फुल एसी ट्रेन सफर कर रहे यात्रियों ने खुशी जताई और नमो भारत रैपिड रेल की व्यवस्थाओं को लेकर तारीफ भी की। इस ट्रेन के चलने से रूट पर पड़ने वाले स्टेशनों से लोगों का सफर काफी सुगम होगा। खास बात यह है कि लोकल ट्रेन की स्पीड अधिक होने के कारण लोग कम समय में अपने गंतव्य पहुंच सकेंगे। इससे उनका काफी समय बचेगा।

इस ट्रेन की खासियत है कि इसमें आने वाले समय में 12 से 16 कोच हैं और 1000 से अधिक यात्रियों के बैठने की क्षमता है। वहीं, 2000 से अधिक यात्री खड़े होकर भी इस ट्रेन में यात्रा कर पाएंगे। बता दें कि अभी पटना से जयनगर के बीच की दूरी 6 से 7 घंटे में तय होती है, लेकिन वंदे मेट्रो ट्रेन के चलने से यह साढ़े चार से पांच घंटे में तय हो जाएगी. जानकारी यह भी मिली है कि इस ट्रेन का किराया भी आम ट्रेनों की तुलना में बेहद ही किफायती होगा. ऐसे में वंदे मेट्रो ट्रेन से यात्रियों को समय और धन दोनों की बचत होगी।

जयनगर-पटना नमो भारत की टाइमिंग

जयनगर-पटना नमो भारत 25 अप्रैल से नियमित रूप से चलेगी। गाड़ी संख्या 94803 जयनगर से सुबह 5 बजे खुलकर 5 बजकर 28 मिनट पर मधुबनी, 5 बजकर 43 मिनट पर सकरी, 6 बजकर 15 मिनट पर दरभंगा, 7 बजकर 25 मिनट पर समस्तीपुर, 8 बजकर 45 मिनट पर बरौनी, 9 बजकर 24 मिनट पर मोकामा, 9 बजकर 41 मिनट पर बाढ़ से होते हुए 10 बजकर 30 मिनट पर पटना पहुंचेगी।
Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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