पटना

लालू के खास अब्दुल बारी सिद्दीकी के विवादित बोल, कहा- देश में माहौल खराब, बच्चों को विदेश में ही बसने की दी सलाह

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Dec 22, 2022, 06:52 PM IST

अब्दुल बारी सिद्दीकी बिहार के पूर्व वित्त मंत्री रह चुके हैं। सिद्दीकी लालू यादव के पुराने साथी हैं और काफी समय से राजद से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनका ऐसा बयान देना बिहार की राजनीति में उथल-पुथल मचा सकता है। बीजेपी इस बयान को लेकर राजद और तेजस्वी यादव को घेर सकती है।

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तेजस्वी यादव के साथ अब्दुल बारी सिद्दीकी

बिहार के पूर्व मंत्री और लालू के खास सहयोगी राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिससे बिहार में हंगामा मचना तय है। इस मुद्दे को शायद ही भाजपा आसानी से हाथ से जाने देगी। राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने दावा किया है कि देश में मुस्लिम सुरक्षित नहीं है, इसलिए उन्होंने अपने बच्चों को विदेश में रहने की सलाह दे दी है।

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा- "मेरा एक बेटा है और एक बेटी है, बेटा हार्वर्ड में पढ़ रहा है, बेटी लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स में पास आउट कर गई है। तो जो देश का माहौल है, अब आप कहिए कि भाई आप तो खुद हो यहां, तो हमने कहा अपने बेटा-बेटी को कि नौकरी कर लो उधर ही। अगर नागरिकता भी मिले तो ले लेना। अब इंडिया में माहौल नहीं रह गया, तुम लोग झेल पाओगे या नहीं झेल पाओगे।"

आगे राजद नेता ने कहा कि आप समझ सकते हैं कि कितनी तकलीफ से आदमी ये बात अपने बाल-बच्चों को कहेगा कि अपने देश को छोड़ दो। ये दौर आ गया है। उनके इस बयान को लोग वहां चुपचाप सुनते रहे। जिस कार्यक्रम में सिद्दीकी बोल रहे थे उस कार्यक्रम का आयोजन जदयू के वरिष्ठ नेता देवेश चंद्र ठाकुर के सम्मान में आयोजित किया गया था।

बता दें कि अब्दुल बारी सिद्दीकी लालू के उन सहयोगी में से एक हैं जो उनके साथ शुरू से राजनीति में जुड़े हैं। सिद्दीकी बिहार में राजद के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर नेता प्रतिपक्ष तक रह चुके हैं। साथ ही वित्त मंत्रालय जैसे अहम विभाग भी वो संभाल चुके हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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