पटना

एक-दो नहीं, यहां पूरे 1000 जुड़वा भाई-बहनों का लगेगा मेला; गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

यह कहानी बिहार में गया के दो जुड़वा भाईयों की है। वैसे तो लोग इन्हें छोटे और बड़े कहकर पुकारते हैं, लेकिन इनका नाम संतोष और आशुतोष कुमार हैं। इन दोनों भाईयों ने देशभर के 1000 जुड़वा भाई-बहनों के लिए 10 मई को एक समागम का आयोजन किया है, जिसका मकसद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना है।

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गया में होगा जुड़वा भाई-बहनों का समागम (AI Image)

आपने बॉलीवुड में कई फिल्में देखी होंगी, जिनमें जुड़वा भाई-बहनों की कहानी पिरोई गई है। इसमें सीता और गीता, राम और श्याम के अलावा सलमान खान की फिल्म जु़ड़वां का भी नाम लिया जा सकता है। यह तो फिल्मों की बात है। लेकिन बिहार में एक-दो नहीं बल्कि 1000 जुड़वा भाई-बहनों का जमावड़ा लगने वाला है। इसके लिए बकायदा रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।

दुनिया में एक जैसे दिखने वाले कई लोग होते हैं, लेकिन जुड़वा भाई-बहन जैसी समानता उनमें नहीं होती। क्योंकि जुड़वा भाई-बहनें न सिर्फ एक साथ जन्म लेते हैं, बल्कि उनकी हरकतें भी काफी हद तक एक जैसी होती हैं। बिहार के गया में छोटे और बड़े नाम के दो जुड़वा भाई एक साथ काम करते हैं।

इन्हीं दो भाईयों ने बिहार और देशभर से सभी जुड़वा लोगों के लिए एक बड़े समागम का आयोजन करने का निर्णय लिया है। दरअसल इन दोनों भाईयों का असली नाम छोटे - संतोष कुमार और बड़े का आशुतोष कुमार है। इस आयोजन के पीछे इन दोनों भाईयों का मकसद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराना है।

इन दोनों जुड़वा भाई, जुड़वा भाई-बहनों के लिए एक समाज बनाना रहे हैं। इस समागम का आयोजन आगामी 10 मई को किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि पहली बार आयोजित हो रहे इस समागम में 1000 जुड़वा शामिल होंगे। इसमें शामिल होने के लिए अब तक 100 से ज्यादा जुड़वा संपर्क भी कर चुके हैं।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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