शिक्षा विभाग ने शिक्षक, छात्र और अन्य संबंधित पक्षों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक बड़ी पहल करते हुए शिकायतों का वर्गीकरण करते हुए एक विस्तृत सूची जारी की है। अब कोई भी शिकायतकर्ता अपनी समस्या की प्रकृति के अनुसार श्रेणी निर्धारित कर उचित माध्यम से समाधान के लिए संपर्क कर सकेगा। इसके लिए विभाग ने दो टोल-फ्री नंबर – 14417 और 18003454417 – भी जारी किए हैं, जिन पर कॉल करके शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। विभाग द्वारा जारी सूची को कुल छह श्रेणियों में बांटा गया है।
विद्यालय संबंधित शिकायत
पहली श्रेणी विद्यालय संबंधित शिकायतों की है, जिसमें आधारभूत संरचना जैसे भवन की मरम्मत, शौचालय, फर्नीचर, पेयजल, बिजली, पंखा, ट्यूबलाइट आदि की समस्याएं आती हैं। इसके अलावा विद्यालय संचालन से जुड़े मामलों जैसे कक्षा संचालन, कंप्यूटर लैब की स्थिति, अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी और खेल सामग्री की उपलब्धता को भी इसमें शामिल किया गया है। शिक्षकों के आचरण और मिड-डे मील (एमडीएम) से जुड़ी शिकायतें भी इसी श्रेणी में दर्ज की जा सकती हैं।
शिक्षक संबंधित मुद्दों के लिए
दूसरी श्रेणी शिक्षक संबंधित मुद्दों की है, जिसमें स्थानांतरण अनुरोध, वेतन भुगतान और बढ़ोतरी, बकाया भुगतान, वेतन निर्धारण, छुट्टियों की स्वीकृति (मातृत्व, चिकित्सा, सीएल, ईएल), सेवा पुस्तिका का अद्यतीकरण, सेवानिवृत्ति लाभ और शिक्षक संबंधी आंकड़ों में सुधार की समस्याएं शामिल हैं।
छात्र-छात्राओं से जुड़ी समस्या
तीसरी श्रेणी छात्र-छात्राओं से जुड़ी समस्याओं की है, जिसमें कन्या उत्थान योजना, साइकिल योजना, पोशाक, छात्रवृत्ति, पाठ्य पुस्तक, एफएलएन किट जैसी योजनाओं से संबंधित शिकायतें शामिल हैं। इसके अलावा प्रमाण-पत्र, अंकपत्र, स्थानांतरण प्रमाण-पत्र से जुड़ी शिकायतें और छात्राओं के साथ किसी भी तरह के अमर्यादित व्यवहार की शिकायतें भी की जा सकती हैं।
वेंडर या आपूर्तिकर्ता से जुड़ी समस्याएं
चौथी श्रेणी वेंडर या आपूर्तिकर्ता से जुड़ी है, जिसमें निविदा प्रक्रिया, भुगतान और ऑनबोर्डिंग से संबंधित समस्याएं आती हैं। पांचवीं श्रेणी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय संबंधी शिकायतों की है, जिनमें नामांकन, विलंबित सत्र, परीक्षा, शुल्क, प्रवजन प्रमाण-पत्र की समस्या और महिला प्राध्यापिकाओं व छात्राओं के साथ अमर्यादित व्यवहार शामिल है।
अवैध वसूली से संबंधित समस्या
छठी और अंतिम श्रेणी अवैध वसूली से संबंधित है, जिसमें शिक्षा विभाग से जुड़े किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, घूसखोरी या गैरकानूनी वसूली की शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिक्षक अपनी समस्याओं से संबंधित शिकायतें केवल ई-शिक्षाकोष के ग्रीवांस मॉड्यूल में अपने लॉगिन आईडी से अपलोड करें। किसी भी स्तर के अधिकारी को व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से शिकायतें भेजना वर्जित है। साथ ही, विभाग ने यह भी घोषणा की है कि पिंक बस परियोजना के तहत दो हजार महिला चालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
