पटना

Nalanda: दो गुटों के विवाद में चली गोली, दो बच्चों की मौत; 7 हिरासत में

बिहार के नालंदा जिले में दो गुटों में शुरू हुई झड़प इतनी बढ़ी कि गोली चल गई। इस घटना में दो बच्चों की मौत हो गई है। इस मामले में 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस गांव में कैंप लगाकर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

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दो गुटों की झड़प में दो बच्चों की मौत (सांकेतिक तस्वीर)

Photo : iStock

Nalanda Murder: नालंदा जिले के दीपनगर थाना अंतर्गत डुमरावां गांव में रविवार को दो गुटों के झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया। विवाद इतना बढ़ गया कि दो पक्षों के बीच झड़प हुई और देखते ही देखते मामला गोलीबारी तक पहुंच गया। इस हमले में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई है।

दो बच्चों को लगी गोली

मृतकों की पहचान अनु और हिमांशु के रूप में हुई है। चश्मदीदों के अनुसार पहले बच्चों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बड़े लोग भी आपस में भिड़ गए। गोलीबारी की घटना हुई जिसमें अनु और हिमांशु नाम के दो बच्चों को गोली लग गई। आनन-फानन में उन्हें बिहारशरीफ सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

7 लोग हिरासत में

घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचीं। फिलहाल नौलेश और आदेश समेत सात लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि पांच से छह अन्य आरोपियों की तलाश के लिए गांव में लगातार छापेमारी की जा रही है और इलाके में पुलिस कैंप भी स्थापित किया गया है।

अस्पताल में परिजनों का हंगामा

घटना के बाद गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर हंगामा किया और कुछ देर के लिए गेट को जाम कर दिया। लोगों की मांग है कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा दी जाए। गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, हालांकि पुलिस स्थिति को नियंत्रण में बताकर जांच में जुटी है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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