पटना

Cyber Fraud in Patna: आपके मोबाइल नंबर का भी तो साइबर ठग नहीं कर रहे ठगी में इस्तेमाल, फ्रॉड का सबसे अलग तरीका आया सामने

  • Produced by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 19, 2022, 02:38 PM IST

New Trend of Cyber Fraud: साइबर ठगी का नया अड्डा बिहार बन गया है। यहां हर दिन साइबर ठगों के नए-नए तरीके सरकारी अधिकारियों के होश उड़ा दे रहे हैं। दूसरी ओर आम लोगों को हजारों और लाखों रुपए का चूना लग रहा है। अब साइबर ठग आम लोगों के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रहे साइबर ठगी कर रहे हैं। ऐसा करने वाले एक शातिर को ईओयू की टीम ने गिरफ्तार भी किया है। इसने जो खुलासा किया है, उससे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।

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साइबर फ्रॉड का नया मामला ( प्रतीकात्मक तस्वीर)

KEY HIGHLIGHTS
  • मोबाइलधारकों को भनक नहीं और उनके नंबर से ई-कॉमर्स कंपनियों से ले लिया जा रहा कैशबैक
  • दूसरे के नाम और नंबर से अमेजन पर अकाउंट बनाकर सामान ऑर्डर कर रहे साइबर ठग
  • ईओयू की टीम ने बेतिया से शातिर साइबर ठग को किया गिरफ्तार

Patna News: बिहार में अब साइबर ठगी का ट्रेंड बदल गया है। नए ट्रेंड ने साइबर विशेषज्ञों और अन्य विभाग के अधिकारियों को चौंकाया है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने बेतिया से एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। इसने जो खुलासा किया है, उससे आम लोगों को अब और सतर्क रहने की जरूरत है। दरअसल, अब साइबर ठग मोबाइल यूजर की बिना जानकारी के उनके नंबर पर इस्तेमाल कर ई-कॉमर्स कंपनियों की वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाते हैं। इसके बाद उस अकाउंट ने सामान ऑर्डर करते हैं। अमेजन द्वारा पहले ऑर्डर पर दिया जाना कैशबैक साइबर ठग प्राप्त करते हैं।

शातिर साइबर ठग किसी यूजर के मोबाइल नंबर से यूपीआई जेनरेट करके उसे चूना लगाते हैं। बिहार पुलिस एवं ईओयू की टीम के मुताबिक इस तरह की साइबर ठगी का खुलासा पहली बार हुआ है। यह बिल्कुल नया ट्रेंड है। गिरफ्तार शातिर ठग का नाम पिंटू कुमार है। इसके कब्जे से ईओयू की टीम ने 14 मोबाइल और 19 सिम कार्ड जब्त किए हैं।

ई-कॉमर्स कंपनियों का क्लोन एप बना ले रहे शातिर

ईओयू की टीम की पूछताछ में गिरफ्तार पिंटू ने बताया कि वह अपने मोबाइल में एप क्लोनर प्रो एप का इस्तेमाल करके ई-कॉमर्स कंपनियों का क्लोन एप तक तैयार कर लेता है। फिर ओटीपी वाई वेबसाइट का प्रयोग कर किसी मोबाइल नंबर पर ओटीपी हासिल कर ई-कॉमर्स कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाता है। इसके बाद बनाए गए अकाउंट से ऑर्डर प्लेस करता है और पहले ऑर्डर पर मिलने वाला कैशबैक प्राप्त कर लेता है।

ऐसे साइबर ठगी कर रहा था पिंटू

पिंटू ने बताया है कि वह एक एप के माध्यम से वेबसाइट पर जाकर किसी भी मोबाइल नंबर का क्रेडेशियल हासिल करता है। इसके बदले वह पेमेंट करता है और उसे संबंधित नंबर का ओटीपी मिल जाता है। फिर वह उसी नंबर से यूपीआई एकाउंट बनाकर ठगी करता है। ईओयू की टीम का कहना है कि पिंटू जिस तरह से ठगी करता है, उसी माध्यम से बिहार सरकार के कुछ अधिकारियों से ठगी की गई है। पिंटू बीए पास है। इसका कहना है कि इसने यह सब ऑनलाइन सीखा है। उसके बाद से यह वह इस तरीके से ठगी कर रहा था।

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