बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे के लिए बनेगी डीपीआर
बिहार के लोगों को बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे का लंबे समय से इंतजार है। खुशी की बात ये है कि इस प्रोजेक्ट को लेकर अब एक अच्छी प्रोग्रेस सामने आई है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की DPR बनाने के लिए एजेंसी चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस बात की तो पुष्टि हो चुकी है कि बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे कोई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे नहीं होगा। बल्कि इस प्रोजेक्ट के तहत मौजूदा रोड को ही चार लेन के हाईवे में बदला जाएगा। बक्सर और भागलपुर के बीच बनने वाले इस कॉरिडोर को हाई-स्पीड कॉरिडोर या एक्सप्रेसवे कहा जाएगा।
बक्सर-भागलपुर के बीच बनने वाली इस रोड के करीब 240 किमी हिस्से के लिए डीपीआर बनवाई जाएगी। जिस भी एजेंसी का चुनाव डीपीआर बनाने के लिए किया जाएगा, उसके पास डीपीआर को पूरा करने के लिए 270 दिन का समय होगा, जिसके साल 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
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मौजूदा समय में बक्सर और भागलपुर के बीच सड़क की लंबाई करीब 375 किमी है। पहले एक्सप्रेसवे के लिए करीब 360 किमी का एस्टीमेट लगाया गया था। जो ताजा टेंडर निकाला गया है, उसके अनुसार सिर्फ मौजूदा रोड के हिस्से को ही इसमें शामिल किया गया है। जिसमें संभवत: बक्सर-पटना हिस्से को शामिल नहीं किया गया है।
बता दें कि हाल ही में बक्सर-कोइलवार-बिहटा हिस्से को चार लेन के हाईवे में बदला गया है। हालांकि, इसे एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे में नहीं बदला गया है। इधर बिहटा से पटना के बीच चार लेन का एलिवेटिड कॉरिडोर भी निर्माणाधीन है। अगर सरकार इस पूरे हिस्से को एक्सप्रेसवे की तरह डेवलप करना चाहती है तो इसके लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता पड़ सकती है। एक्सप्रेसवे पर रोड की स्टैंडर्ड चौड़ाई 90 मीटर होगी।
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बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे के लिए 22 अप्रैल को ही टेंजर जारी किया गया है और इसमें रुचि रखने वाली एजेंसियों के पास अपना प्रपोजल रखने के लिए 16 जून तक का समय है। माना जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एजेंसी का चुनाव हो जाएगा। NHAI इस पूरे प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार होगा।
टेंडर नोटिस से मिली जानकारी के अनुसार बक्सर और भागलपुर के बीच कई राष्ट्रीय राजमार्ग के हिस्सों को जोड़ा जाएगा और उनको नया नाम दिया जाएगा। इसमें बक्सर से पटना के बीच NH-922, पटना से मुंगेर के बीच NH-31 और मुंगेर से भागलपुर के बीच NH-33 भी शामिल है। यह सड़कें पहले से ही 4 लेन हैं। इसमें मोकामा से मुंगेर के बीच NH-31 का 78.5 किमी का हिस्सा ही फोर लेन नहीं है।