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Mumbai Alert: CJP के समर्थन में उग्र प्रदर्शन के बाद मुंबई में 6 अगस्त तक धारा-37 लागू, 5 से ज्यादा लोगों के जुटने पर पाबंदी

Mumbai Protest Update: दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नीट प्रदर्शन के समर्थन में मुंबई में हुए बवाल के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट है। मुंबई में 6 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। जिससे यहां 5 या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक रहेगी।

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शिवाजी पार्क में जुटी प्रदर्शनकारियों की भीड़ (PTI)

Photo : PTI

Mumbai CJP Protest: NEET-UG पेपर लीक विवाद और दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में मुंबई के विभिन्न इलाकों में हुए उग्र प्रदर्शनों के बाद पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गुरुवार से पूरे मुंबई शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, जो 6 अगस्त तक प्रभाव में रहेगी।

इस दौरान शहर में बिना पूर्व अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने, जनसभा करने और रैलियां निकालने पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।

13 FIR दर्ज, 400 लोगों पर कार्रवाई के बाद पुलिस का फैसला

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई पुलिस ने 18 जुलाई से 22 जुलाई के बीच बिना अनुमति प्रदर्शन करने के मामलों में 13 FIR दर्ज करते हुए करीब 400 लोगों को नामजद किया है। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी मामलों में लोगों पर गैरकानूनी जमावड़ा, निषेधाज्ञा के उल्लंघन, गलत तरीके से रास्ता रोकने और लोक सेवक के आदेश की अवहेलना जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। नोटिस जारी करने के बाद आरोपियों को छोड़ दिया गया। इसी के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाते हुए यह पाबंदी लगाई गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37 के तहत पाबंदियां

यह प्रतिबंध महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37 के तहत लगाए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार हथियार, विस्फोटक, पुतले या शव प्रदर्शित करने पर पूरी तरह रोक रहेगी। सार्वजनिक रूप से भाषण देने, भड़काऊ गीत गाने, संगीत बजाने या नारेबाजी करने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे किसी भी प्लेकार्ड, प्रतीक या चित्रों का प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा जो सार्वजनिक नैतिकता या राज्य की सुरक्षा के खिलाफ हों।

नियम तोड़ा तो BNS के तहत होगी सख्त कार्रवाई

मुंबई पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना अनुमति प्रदर्शन आयोजित करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 (सरकारी आदेश की अवहेलना) और धारा 189 व 190 (गैर-कानूनी जनसमूह), तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 135 के तहत मामला दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर CJP समर्थकों और छात्रों द्वारा निकाले गए मार्च के बाद से ही देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन की लहर देखने को मिल रही है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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