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क्या डेबिट कार्ड EMI से सुधर सकता है आपका CIBIL Score? पहली बार खरीदारी करने से पहले जरूर जान लें ये बातें

अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड नहीं है और आप डेबिट कार्ड EMI पर खरीदारी करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है। क्या डेबिट कार्ड EMI से सिबिल स्कोर बढ़ता है या बिगड़ता है?

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पहली बार खरीदारी करने से पहले जरूर जान लें ये बातें

आजकल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और इलेक्ट्रॉनिक स्टोर्स पर खरीदारी करते समय ग्राहकों को 'डेबिट कार्ड EMI' (Debit Card EMI) का विकल्प आसानी से मिल जाता है। ऐसे लोग जिनके पास क्रेडिट कार्ड नहीं है या जिनकी क्रेडिट लिमिट कम है, वे अक्सर बड़े होम अप्लायंसेज, स्मार्टफोन या अन्य महंगे सामान खरीदने के लिए डेबिट कार्ड EMI का सहारा लेते हैं। लेकिन इस सुविधा का लाभ उठाने से पहले अधिकतर लोगों के मन में यह सवाल जरूर उठता है कि क्या डेबिट कार्ड से ईएमआई पर खरीदारी करने से उनका क्रेडिट स्कोर यानी सिबिल स्कोर (CIBIL Score) सुधरता है या नहीं। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, डेबिट कार्ड EMI वास्तव में आपके सिबिल स्कोर को बनाने और सुधारने में एक बेहद मददगार जरिया साबित हो सकती है, लेकिन इसके सही इस्तेमाल और नियमों की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है।

कैसे काम करता है डेबिट कार्ड EMI ऑप्शन?

सामान्य परिस्थितियों में जब आप अपने डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करके कोई सामान्य खरीदारी करते हैं, तो पैसा सीधे आपके बैंक खाते से कट जाता है और इसका आपके सिबिल स्कोर पर कोई असर नहीं पड़ता। हालांकि, जब आप डेबिट कार्ड EMI का विकल्प चुनते हैं, तो बैंक आपकी पात्रता (Pre-Approved Limit) के आधार पर आपको एक तरह का कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन (Consumer Durable Loan) प्रदान करता है। आसान शब्दों में कहें तो डेबिट कार्ड केवल एक माध्यम बनता है, जबकि पृष्ठभूमि में बैंक आपको एक अनसिक्योर्ड पर्सनल या कंज्यूमर लोन दे रहा होता है। जैसे ही यह लोन स्वीकृत होता है, बैंक इसकी रिपोर्ट CIBIL जैसी क्रेडिट सूचना ब्यूरो (Credit Bureau) को देता है। इसके बाद आपकी मासिक ईएमआई (EMI) आपके बैंक खाते से हर महीने ऑटो-डेबिट (Auto-Debit) होती रहती है।

क्या सिबिल स्कोर पर पड़ता है असर

यदि आप अपनी सभी ईएमआई का भुगतान हर महीने तय तारीख पर बिना किसी विफलता के करते हैं, तो क्रेडिट ब्यूरो के पास आपका रीपेमेंट रिकॉर्ड (Repayment Track Record) बेहद मजबूत दर्ज होता है। लगातार सही समय पर किश्तों का भुगतान करने से क्रेडिट एजेंसियां आपको एक जिम्मेदार उधारकर्ता (Responsible Borrower) मानती हैं, जिससे आपका सिबिल स्कोर धीरे-धीरे ऊपर उठने लगता है। विशेष रूप से उन नए निवेशकों या युवा नौकरीपेशा लोगों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है, जिनका कोई क्रेडिट इतिहास (Credit History) नहीं है और जिन्हें आसानी से क्रेडिट कार्ड नहीं मिल पाता। डेबिट कार्ड ईएमआई के जरिए वे बिना किसी अलग लोन दस्तावेज जमा किए एक मजबूत सिबिल स्कोर की शुरुआत कर सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

हालांकि, डेबिट कार्ड EMI का उपयोग करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है, अन्यथा यह आपके क्रेडिट प्रोफाइल को नुकसान भी पहुंचा सकता है। सबसे पहली और महत्वपूर्ण बात यह है कि आपके बैंक खाते में ईएमआई कटने की तारीख को पर्याप्त बैलेंस होना चाहिए। यदि खाते में पैसे न होने के कारण आपकी ईएमआई बाउंस हो जाती है, तो न केवल बैंक आप पर ECS या Auto-Debit बाउंस चार्ज लगाएगा, बल्कि देर से किए गए भुगतान (Late Payment) की रिपोर्ट सीधे CIBIL को भेजी जाएगी। इससे आपका सिबिल स्कोर तेजी से गिर सकता है। इसके अलावा, एक साथ कई डेबिट कार्ड ईएमआई लोन लेने से बचें, क्योंकि इससे आपकी रीपेमेंट क्षमता पर दबाव पड़ता है। सही योजना और समय पर भुगतान के साथ इस्तेमाल किया जाए, तो डेबिट कार्ड EMI आपका सिबिल स्कोर सुधारने का एक सुरक्षित और असरदार जरिया है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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