Pakistan Petrol Diesel Prices Hike: पाकिस्तान में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। पाक सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण यह फैसला लेना पड़ा। नई कीमतें आज 23 जुलाई से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों, परिवहन क्षेत्र और महंगाई पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
पेट्रोल और डीजल के नए दाम
न्यूज वेबसाइट डाउन के मुताबिक पाकिस्तानी सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 6.39 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर (Pakistan petrol price hike) की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद पेट्रोल का नया दाम 327.12 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत 7.83 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 375.04 रुपये प्रति लीटर (Pakistan diesel price hike) कर दी गई है। पेट्रोलियम डिवीजन ने बताया कि संशोधित कीमतें 23 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं।
अब हर दिन तय होंगी ईंधन की कीमतें
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने पहले ही घोषणा की थी कि अब पेट्रोल और डीजल की कीमतें साप्ताहिक की बजाय रोजाना तय की जाएंगी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से बदलती कीमतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अब ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) को रोजाना अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर नई दरें तय करने की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे वैश्विक बाजार के अनुसार तुरंत कीमतों में बदलाव किया जा सकेगा।
पहले रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी थीं कीमतें
पाकिस्तान में इस साल ईंधन की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। हाई-स्पीड डीजल की कीमत 3 अप्रैल को 520.35 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। इससे पहले फरवरी के अंत में इसकी कीमत करीब 281 रुपये प्रति लीटर थी, लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद इसमें लगातार तेजी आई। इसी तरह पेट्रोल की कीमत भी मार्च के पहले सप्ताह में करीब 266 रुपये प्रति लीटर थी, जो 3 अप्रैल तक बढ़कर 458.41 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी।
वैश्विक तनाव बना कीमतें बढ़ने की बड़ी वजह
सरकार के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव तथा फारस की खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसी वजह से पाकिस्तान में भी ईंधन की कीमतें बढ़ानी पड़ीं। सरकार का कहना है कि वह वैश्विक बाजार के अनुसार ही ईंधन की कीमतों में बदलाव कर रही है।
पंप मालिकों की हड़ताल फिलहाल टली
दूसरी ओर, ऑल पाकिस्तान पेट्रोलियम पंप ओनर्स एसोसिएशन (APPPOA) ने अपनी देशव्यापी हड़ताल को फिलहाल दो सप्ताह के लिए टाल दिया है। एसोसिएशन ने पहले सरकार की नई ईंधन मूल्य निर्धारण नीति का विरोध करते हुए हड़ताल का ऐलान किया था। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्री के साथ बातचीत के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। वहीं, ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन ने दैनिक मूल्य निर्धारण प्रणाली का विरोध करते हुए कहा है कि वह जल्द ही अपने विरोध की रणनीति तय करेगा।
आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर
पेट्रोल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल निजी वाहनों, मोटरसाइकिलों, रिक्शा और छोटे वाहनों में होता है। इसलिए इसकी कीमत बढ़ने का सबसे अधिक असर मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ता है। वहीं, हाई-स्पीड डीजल का उपयोग ट्रकों, बसों, मालवाहक वाहनों, बिजली संयंत्रों और बड़े जनरेटरों में होता है। ऐसे में डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ सकती है, जिसका असर खाद्य पदार्थों समेत अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
सरकार के लिए बड़ा राजस्व स्रोत है ईंधन
पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पाकिस्तान सरकार के लिए राजस्व का प्रमुख स्रोत हैं। हर महीने इन दोनों ईंधनों की बिक्री करीब 7 से 8 लाख टन के बीच रहती है, जबकि केरोसीन की मासिक मांग केवल करीब 10 हजार टन है। यही वजह है कि ईंधन की कीमतों में होने वाला हर बदलाव सरकार की आय और आम लोगों की जेब, दोनों पर बड़ा असर डालता है। लगातार बढ़ती अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और क्षेत्रीय तनाव के बीच आने वाले दिनों में पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
