पटना

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह के बागी तेवर, BJP नेताओं पर जमकर बरसे; क्या बनाएंगे नई पार्टी?

आरके सिंह ने आरोप लगाया कि इस बार लोकसभा चुनाव में उन्हें जानबूझकर कमजोर किया गया। उनके अनुसार, पार्टी और गठबंधन के बड़े नेताओं ने भीतरघात कर उन्हें हराने की साजिश रची।

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पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह की आरा की सभा की तस्वीर

आरा में आयोजित राजपूत समाज के एक कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री आर के सिंह ने मंच से सीधे भाजपा नेतृत्व पर सवाल उठाए। कार्यक्रम के दौरान आरके सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा और उसके शीर्ष नेतृत्व ने राजपूत समाज की लगातार उपेक्षा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार लोकसभा चुनाव में उन्हें जानबूझकर कमजोर किया गया। उनके अनुसार, पार्टी और गठबंधन के बड़े नेताओं ने भीतरघात कर उन्हें हराने की साजिश रची।

किस बात से नाराज हैं आरके सिंह

उपेक्षा से नाराज़ होकर आरके सिंह ने अपनी अलग पार्टी बनाने पर विचार करने की बात कही।वे अब भाजपा के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा आगे नहीं बढ़ाना चाहते। उन्होंने कहा कि लगातार उपेक्षा और भीतरघात की वजह से वो नए विकल्प की तलाश में हैं। यहां तक कि उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाने पर भी विचार करने की बात कही।

मंगलवार को आरके सिंह ने प्रशांत किशोर के द्वारा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर लगाए गए आरोप पर कहा था कि सम्राट चौधरी और दिलीप जायसवाल को प्रशांत किशोर के सवालों का जवाब देना चाहिए नहीं तो ये लोग इस्तीफा दें, आरके सिंह के इस बयान के बाद बिहार के सियासत में भूचाल आ गया, आरके सिंह के बागी तेवर को देखकर ये कयास लगाए जा रहे थे कि आरके सिंह जल्द कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं।

प्रशांत किशोर ने भी आरके सिंह के बयान को कोट करते हुए कहा है की आरके सिंह बीजेपी के बड़े नेता है और वो भी अपने नेताओं पर सवाल उठा रहे हैं कि उनको आरोपों का जवाब देना चाहिये, आरके सिंह के बागी तेवर का असर बिहार विधान सभा चुनाव में भी देखने को मिलेगा, उन्होंने राजपूत समाज से एक जुट होने का आह्वान किया है, उनका कहना है की एनडीए सिर्फ राजपूत समाज को इस्तेमाल कर रही है।

Saket kumar
साकेत कुमारauthor

साकेत कुमार के पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 18 वर्षों का लंबा अनुभव है। वर्तमान में वह Times Now Navbharat के पटना ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं और बिहार की राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और ग्राउंड रिपोर्टिंग में गहरी पकड़ रखते हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण खबरों को कवर किया है और निष्पक्ष, तथ्यपरक और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। साकेट की रिपोर्टिंग में जमीनी हकीकत, गहन रिसर्च और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने की प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है।

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