पटना

बिहार में शिक्षकों को मिलने जा रही बड़ी सौगात, प्लस टू शिक्षकों में होगी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 8, 2023, 11:57 AM IST

Bihar Teachers Vacancy: सीएम नीतीश कुमार के साथ शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के बीच एक बैठक हुई थी। इस बैठक में रिक्त पदों को भरने के लिए जल्द से जल्द बहाली शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

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बिहार में शिक्षकों की होगी बहाली

Photo : BCCL

Bihar Teachers Vacancy: बिहार सरकार शिक्षकों को जल्द ही एक बड़ी सौगात देने की तैयारी कर रही है। जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के शिक्षा विभाग से स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए बहाली शुरू करने के निर्देश दिए हैं। प्रभात खबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर-नवंबर में नई शिक्षक बहाली का विज्ञापन भी जारी किया जा सकता है।

बता दें, गुरुवार को सीएम नीतीश कुमार के साथ शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के बीच एक बैठक हुई थी। इस बैठक में रिक्त पदों को भरने के लिए जल्द से जल्द बहाली शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

लोक सेवा आयोग के जरिए होगी भर्ती

सूत्रों के मुताबिक, शिक्षकों की भर्ती लोक सेवा आयोग के जरिए होगी। इसके अलावा सीएम ने शिक्षा मंत्री को निर्देश दिए हैं कि बीपीएससी की तरफ से वर्तमान शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षकों के नियोजन की तैयारी शुरू की जाए। इसके अलावा शिक्षक नियोजन में बीएड डिग्री धारकों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर भी चर्चा हुई। बता दें, शिक्षक दिवस के अवसर पर एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति की घोषणा की गई थी।

इन स्कूलों में तैनात होंगे अतिथि शिक्षक

सरकार की योजना के मुताबिक प्लस टू स्कूलों में अतिथि शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक, इनकी नियुक्ति खास विषयों के लिए सितंबर से फरवरी तक के लिए होगी। विशेष रूप से अंग्रेजी व विज्ञान जैसे विषयों के लिए अतिथि शिक्षक तैनात होंगे। अपर मुख्य सचिव ने परीक्षा से पहले हर हाल में पाठ्यक्रम पूरा किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए है।

नियुक्ति में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं

अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एकेडमिक सपोर्ट के लिए शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी सूचना मिलने पर दोषी डीइओ पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसी नियुक्ति एजेंसी के स्तर पर होती है तो उन्हें ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। मीटिंग में बताया गया है कि प्लस टू स्कूलों में अर्थशास्त्र के शिक्षकों की भारी कमी है। अभी तक विभिन्न जिलों में कुल 372 शिक्षक ही नियुक्त किए गए हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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