पटना

Bihar में अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई कार, देवदूत बनकर आए डीएसपी, ऐसे बचाई घायलों की जान

बिहार में मोतिहारी से लौटते समय एक कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। जिसमें सभी तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी समय पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज के डीएसपी रंजन कुमार वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने घायलों को देखकर अपनी गाड़ी रोकी और उन्हें अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

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बिहार में एक्सीडेंट

आमतौर पर पुलिस का नाम आते ही कड़क आवाज और रौबदार चेहरे का एहसास होता है, जो समाज से अक्सर दूर रहता हो। लेकिन, पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज के डीएसपी ने पुलिस के रूप में एक अनोखी तस्वीर पेश की है। दरअसल, डीएसपी रंजन कुमार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए सड़क हादसे में घायल एक माह के बच्चे और उसके परिजनों को अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाई। स्थानीय लोग भी पुलिस उपाधीक्षक के इस कदम की जमकर सराहना कर रहे हैं।

हादसे में तीन लोग हुए घायल

बताया गया कि अरेराज के दामोदरपुर निवासी जयप्रकाश शुक्ला अपनी पत्नी अमरीता देवी और छोटी पुत्री के साथ इलाज करवाने मोतिहारी गए थे। मोतिहारी से अपने एक माह के बच्चे का इलाज कराकर वापस घर लौट रहे थे, तभी उनकी कार पशुरामपुर चौक के पास अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में सभी तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायल बच्चे को गोद में उठाकर ले गए अस्पताल

उसी समय मोतिहारी से अरेराज के डीएसपी रंजन कुमार वापस लौट रहे थे। उन्होंने कार में घायलों को देखा। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रोकी और घायलों को बाहर निकाला। एक भाड़े की गाड़ी का इंतजाम कर सभी को एबी अस्पताल, बोरिंग चौक पहुंचाया। उन्होंने एक माह के घायल बच्चे को खुद गोद में उठाकर अपने साथ अस्पताल लाए और भर्ती कराया। स्थानीय लोग डीएसपी रंजन कुमार के इस सराहनीय कदम की प्रशंसा कर रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि उनका मानवीय और तत्परता से भरा यह कार्य पुलिस के प्रति जनता का विश्वास बढ़ाने का उदाहरण बन गया है।

(इनपुट - IANS)

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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