बिहार की राजधानी पटना के बाद अब भागलपुर में लेडीज स्पेशल पिंक बस की शुरुआत इसी सप्ताह की जा रही है, जिसके लिए दो पिंक बसे पहले ही भागलपुर पहुंच चुकी है। बता दें कि बसों को शुरुआती तीन महीने में अस्थायी परमिट पर चलाया जाएगा। यह सेवा शहर के अंदर ही संचालित की जाएगी और आने वाले तीन महीने के बाद इनकी संख्या बढ़ाकर 10 कर दी जाएगी।
महिलाओं की सुरक्षा पर दिया खास ध्यान
बता दें कि बिहार की राजधानी पटना समेत 6 शहर में नीतीश कुमार ने शुक्रवार, 16 मई 2025 को 20 पिंक बसों को हरी झंडी दिखाई थी। जानकारी के अनुसार, पटना में 8, मुजफ्फरपुर में 4, दरभंगा में 2, पूर्णिया में 2, भागलपुर में 2 और गया में दो बसों का संचालन किया जाएगा। इन बसों को फिलहाल के लिए पुरुष ड्राइवरों द्वारा ही चलाया जाएगा, क्योंकि महिला ड्राइवर नहीं मिली है। लेकिन बस की कलेक्टर महिलाएं ही होंगी।
इस बस की सबसे खास बात ये है कि इसमें केवल महिलाएं भी यात्रा कर पाएंगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बस की हर सीट पर जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और इमरजेंसी अलार्म दिया गया है। इसके अलावा हर सीट के नीचे एक पैनिक बटन दिया गया है। सुरक्षा के लिए हर बस सीसीटीवी कैमरे से लैस है। ये बसें सीएनजी से चलेंगी और इसमें 22 सीटें है। सुरक्षा के साथ सुविधा देने के लिए बस में मोबाइल चार्जिंग की सुविधा भी दी गई है। बस का किराया 6 रुपये से 25 रुपये तक डिस्टेंस के अनुसार होगा।
भागलपुर में नहीं चली अभी तक कोई सिटी बस सेवा
भागलपुर में अभी से पहले सिटी बस सेवा नहीं चली है। यही कारण है कि पथ परिवहन विभाग द्वारा रूट नोटिफिकेशन के लिए आरटीए में आवेदन किया गया है। ये आवेदन एसटीए को भेजा जाएगा। एक बार रूट नोटिफाई होते ही बसों का स्थायी संचालन शुरू किया जाएगा। बता दें कि तीन महीने तक बस का संचालन अस्थायी परमिट पर किया जाएगा।
पथ परिवहन के क्षेत्रीय प्रबंधक अजिताभ आनंद ने बताते हैं कि पिंक बस सेवा के लिए DM से भी परमिशन ली जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर में आगामी समय में 10 बसों का संचालन किया जाएगा। क्योंकि 2 बस पहले ही आ चुकी हैं, ऐसे में 8 बसों के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
भागलपुर को मिली 24 डीलक्स बस
इस बीच भागलपुर में 24 डीलक्स बसों का किराया निर्धारित करने के लिए परिचालन टेस्ट किया गया है। बताया जा रहा है कि बसों को टेस्ट के तहत जोगबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सुपौल जैसे जिलों तक भेजा गया। इसमें जांच की गई है, बसों के संचालन में डीजल की कितनी खपत हुई है। ईंधन की खपत के अनुसार की बस का किराया तय किया जाएगा।
