बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2021-2025 के बी.टेक पाठ्यक्रम के आठवें सेमेस्टर का रिजल्ट ससमय घोषित कर दिया है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी ने तकनीकी शिक्षा में अपनी प्रतिबद्धता को भी साबित किया है। साथ ही, इस वर्ष से फुलटाइम और पार्ट टाइम Ph.D पाठ्यक्रम की शुरुआत करते हुए, एंट्रेंस एग्जाम में पास हुए अभ्यर्थियों की सूची भी जारी कर दी गई है।
माननीय मंत्री सुमित कुमार सिंह ने इस उपलब्धि को बिहार के लिए गौरव का क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि नाममात्र की फीस में डिप्लोमा, बी.टेक और अब पीएच.डी. जैसे टॉप ऑफ द लाइन पाठ्यक्रमों की शुरुआत राज्य के युवाओं को सशक्त बना रही है। स्टेट ऑफ द आर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, सिलेक्टिड क्वालिफाइड फैकल्टी, हॉस्टल सुविधा और एक तिहाई सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित होने से तकनीकी शिक्षा को नई दिशा मिल रही है।
विभागीय सचिव डॉ. प्रतिमा ने बताया कि छात्रों की मेहनत का समय पर परिणाम आना ही शिक्षा की गुणवत्ता का प्रमाण है। राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए नए तकनीकी पाठ्यक्रम जैसे AI, IoT, साइबर सुरक्षा, फूड टेक्नोलॉजी आदि छात्रों को रोजगार के नए अवसर दे रहे हैं।
कुलपति प्रो. एस. के. वर्मा ने विश्वविद्यालय को ISTE द्वारा 'बेस्ट इमर्जिंग यूनिवर्सिटी 2024' का पुरस्कार मिलने की जानकारी दी और घोषणा की कि सत्र 2025-27 से Geoinformatics में एम.टेक शुरू किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ और छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
