बिहार के उप-मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देते हुए आज यानी सोमवार 29 सितंबर को AI आधारित कृषि रेडियो प्रसार प्रणाली की शुरुआत की। उप-मुख्यमंत्री ने कृषि भवन पटना स्थित मीडिया सेंटर में इस क्रांतिकारी पहल का शुभारम्भ किया। कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
विजय सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि 'एग्रीकल्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिलकर कृषि तकनीक में नई क्रांति ला सकते हैं। यह किसानों को न सिर्फ उनकी आय बढ़ाने में मददगार होगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने की क्षमता भी प्रदान करेगा।' उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बिहार सरकार ने कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग सुनिश्चित किया है।
इस पहल के तहत 'बिहार कृषि रेडियो' नामक डिजिटल रेडियो सेवा की शुरुआत की गई है, जिसे प्ले-स्टोर और ऐप-स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। यह एप्लीकेशन किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है और इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना है। इसमें मौसम पूर्वानुमान, फसल रोग प्रबंधन, कृषि योजनाओं, बाजार भाव और मंडी की स्थिति जैसी महत्वपूर्ण जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी।
इस प्रणाली की प्रमुख विशेषताओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विश्लेषण शामिल है, जो मौसम, मिट्टी और बाजार से जुड़े डाटा का अध्ययन कर किसानों को त्वरित जानकारी प्रदान करेगा। क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध इस सेवा को समझना किसानों के लिए आसान होगा।इसके अलावा यह सेवा 24×7 उपलब्ध रहेगी और किसानों के लिए इंटरैक्टिव सुविधा भी प्रदान करेगी, जिसके माध्यम से वे अपने प्रश्नों के उत्तर सीधे एआई प्रणाली से हासिल कर सकेंगे।
इस रेडियो सेवा से किसानों को कई फायदे होंगे। उन्हें सही समय पर मौसम की सटीक जानकारी प्राप्त होगी, जिससे फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। कीट एवं रोग प्रबंधन की त्वरित सलाह से नुकसान कम होगा और बाजार भाव की अपडेटिड जानकारी मिलने से किसान अपनी उपज का बेहतर मूल्य हासिल कर सकेंगे। साथ ही, सरकारी योजनाओं और अनुदानों की जानकारी सीधे किसानों तक पहुंचने से वे समय पर लाभ उठा पाएंगे।
उप-मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि एआई आधारित कृषि रेडियो प्रसार प्रणाली कृषि जगत में सूचना क्रांति लाने वाली साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, उनकी पैदावार बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
