पटना

बिहार का गजब हाल : पीएम आवास योजना की राशि मिलने पर भी लोगों ने नहीं बनवाए मकान, बड़ी कार्रवाई की तैयारी

Bihar News : पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण योजना का शुभारंभ पिछले कार्यकाल में किया था। पीएम मोदी ने ग्रामीणांचल क्षेत्रों में रहने वाली ज्यादा से ज्यादा आबादी को इस योजना से लाभान्वित करने यानि पक्‍के मकान मुहैया कराने का लक्ष्‍य रखा है।

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पीएम आवास ग्रामीण योजना के तहत लोगों ने पक्‍के मकानों का निर्माण नहीं कराया। (सांकेतिक चित्र)

Photo : BCCL

Bihar News : प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण योजना सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है। इसके तहत मिली धनराशि से कई राज्‍यों में लोगों को खुद का मकान बनाने में सहायता मिली। हालांक‍ि इस योजना को लेकर बिहार से एक चौंका देने वाली खबर सामने आई है। जहां, नीतीश सरकार ने पीएमएवाई-जी के कुल 2.21 लाख लाभार्थियों को नोटिस भेजे गए हैं। बता दें कि ये नोटिस लोगों को इसलिए भेजे गए है क्‍योंकि योजना के तहत प्रशासन ने उन्‍हें 1.20 लाख रुपये की राशि आवंटित की थी, लेकिन इसके बावजूद भी लाभार्थियों ने मकान नहीं बनवाए।

'प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण योजना' क्‍या है

PMAY-G को लोगों के बीच प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के नाम से भी जाना जाता है। पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने इसका शुभारंभ पिछले कार्यकाल में किया था। इस योजना का संचालन भी केंद्र की मोदी सरकार करती है। पीएम मोदी ने ग्रामीणांचल क्षेत्रों में रहने वाली ज्यादा से ज्यादा आबादी को इस योजना से लाभान्वित करने यानि पक्‍के मकान मुहैया कराने का लक्ष्‍य रखा है। बता दें क‍ि इस योजना में उचित बिजली की आपूर्ति एवं स्वच्छता जैसी कई मूलभूत सुविधाओं को ध्‍यान में रखकर मकान के निर्माण के लिए धनराशि उपलब्‍ध कराती है। बेघर और जैसे-तैसे गुजर बसर कर रहे लोगों के लिए ये योजना किसी वरदान से कम नहीं है। कच्चे और जर्जर घरों में रह रहे लोग इसका लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

बिहार में क्‍यों शुरू हुआ एक्‍शन

बिहार सरकार के ग्राम विकास विभाग ने मकान का पूरा निर्माण नहीं कराने के लिए 347 सरकारी कर्मचारियों (309 आवास सहायकों और 38 आवास पर्यवेक्षकों) के विरुद्ध कार्रवाई करने का फैसला लिया है। सरकारी दस्तावेज इसकी बात की पुष्टि करते हैं क‍ि योजना के तहत मकान न बनवाने वाले 94,027 लाभार्थियों को ‘रेड नोटिस’ तथा 1,27,463 को ‘व्हाइट नोटिस ’ प्रेषित किए गए हैं।

क्‍या होते हैं रेड और व्‍हाइट नोटिस

जिन लोगों के खिलाफ विभाग कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा होता है उनके विरुद्ध रेड नोटिस भेजे जाते हैं। हालांक‍ि उल्लंघनकर्ताओं को योजना के तहत घर का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की चेतावनी के तौर पर भेजा जाने वाला नोटिस व्‍हाइट नोटिस कहलाता है। बिहार के ग्राम विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया है क‍ि 2,21,490 लाभार्थियों को नोटिस भेजे गए हैं, इन लोगों ने पूरी धनराशि मिल जाने के बाद भी पीएमएवाई-जी योजना के तहत पक्के घर का निर्माण पूरा नहीं करवाया है।

किस जिले में कितने नोटिस

बिहार के ग्राम विकास मंत्री ने लोगों के इस रवैये के लिए कुछ सरकारी अफसरों को भी जिम्मेदार बताया है। उन्‍होंने बताया क‍ि 347 अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की गई है। बताते चलें क‍ि विभाग ने गया में सबसे अधिक 21,375, पूर्वी चंपारण में 16,955, मधुबनी में 14,753, बेगूसराय में 13,709, नवादा में 13,344, अररिया में 11,806 और मधेपुरा में 11,338 लाभार्थियों को नोटिस जारी किए हैं।

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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