Amas Darbhanga Expressway: आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। कई जिलों में 70 प्रतिशत तो कुछ जिलों में 30 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है।
NHAI करेगा निर्माण
एक्सप्रेसवे का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाएगा। यह अरवल, जहानाबाद, पटना, नालंदा, वैशाली और समस्तीपुर जिलों को पार करते हुए दरभंगा जिले के नवादा गांव में एंट्री करेगी।
यहां से गुजरेगा
आमस दरभंगा एक्सप्रेसवे आमस, मथुरापुर, गुरारू, पंचनपुर, बेला, इब्राहिमपुर, ओकरी, पभेरा, रामनगर, सबलपुर, चाकसीकंदर, दभाईच, बहुआरा, शाहपुर बधूनी (ताजपुर), शिवनंदनपुर (बुढ़ी गंडक), बासुदेवपुर, रामनगर (लहेरियासराय), बेला और नवादा (दरभंगा) को जोड़ेगा। एनएचएआई ने 2024 तक परियोजना को पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की है।
घट जाएगी दूरी
आमस दरभंगा एक्सप्रेसवे उत्तर से दक्षिण बिहार की दूरी को काफी कम कर देगा। नॉर्थ बिहार और साउथ बिहार की दूरी चार घंटे से भी कम समय में पूरी की जा सकेगी। एनएचएआई ने इस एक्सप्रेसवे को एनएच-119डी के रूप में अधिसूचित किया है।
जमीन अधिग्रहण का काम प्रगति पर
आमस दरभंगा एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण का काम प्रगति पर है। समीस्तीपुर में जमीन अधिग्रहण 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। बाकी जिलों में यह 60 से 70 प्रतिशत है। सिर्फ जहानाबाद में यह काम 10 प्रतिशत पूरा हुआ है, वहां जमीन अधिग्रहण करने में ज्यादा परेशानी आ रही है।
चार फेज में निर्माण
आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे को 24 महीने की समय सीमा के साथ 4 सिविल पैकेज में विभाजित किया गया है। यानि इसका निर्माण चार चरणों में होगा।पहला पैकेज 55 किमी का आमस और शिवरामपुर के बीच, दूसरा पैकेज शिवरामपुर और रामनगर के बीच 54.3 किमी, तीसरा पैकेज रामपुर और पाल दशहरा के बीच 45 किमी और चौथा पैकेज पाल दशहरा और नवादा के बीच 44.1 किमी का है। परियोजना की अनुमानित लागत 60 अरब रुपये है और एनएचएआई ने तीन निर्माण कंपनियों को निविदा आवंटित की है।
