पटना

बिहार-झारखंड में सेक्सटॉर्शन गिरोह सक्रिय, इस अंतरराष्ट्रीय गैंग के चंगुल में फंसने से बचें

बिहार झारखंड के एक सेक्सटॉर्शन गिरोह के चंगुल में फंसा कारोबारी पांच महीने से लापता है। जमशेदपुर के रहने वाले शैलेंद्र कुमार किसी काम के सिलसिले में मुजफ्फरपुर गए और फिर गायब हो गए। जांच में पता चला कि वो सेक्सटॉर्शन के शिकार थे। इस तरह के गिरोहों के चंगुल में फंसने के बाद निकलना मुश्किल हो जाता है, इनसे बच कर रहना ही सबसे अच्छा विकल्प है।

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बिहार-झारखंड में सक्रिय है सेक्सटॉर्शन गिरोह

Bihar Jharkhand News: करीब पांच महीने पहले जमशेदपुर निवासी शैलेंद्र कुमार किसी काम के सिलसिले में मुजफ्फरपुर गए और फिर नहीं लौटे। उनकी गुमशुदगी में एक नई जानकारी सामने आई है। पता चला है कि शैलेंद्र को सेक्सटॉर्शन का शिकार बनाया गया था। उनसे पैसे ऐंठने के लिए बदमाशों ने 16 विदेशी नंबरों से फोन कर उन्हें परेशान किया। शैलेंद्र 1 दिसंबर को अपने घर से मुजफ्फरपुर गए थे और 3 दिसंबर के बाद उनका कुछ पता नहीं चल पाया। उनकी पत्नी के दर्ज कराए गए मामले के पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

सेक्सटॉर्शन का हुए थे शिकार

शैलेन्द्र 1 दिसंबर 2024 को जमशेदपुर से मुजफ्फरपुर आए थे और 3 दिसंबर की सुबह गेस्ट हाउस से चेकआउट करने के बाद से लापता हैं। उनकी पत्नी शिवानी देवी ने नगर थाने में FIR दर्ज कराई है। परिवार के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने लगभग डेढ़ लाख रुपये ब्लैकमेलिंग के जरिए वसूल लिए और शैलेन्द्र के मोबाइल को हैक कर उनके कारोबार से जुड़े अन्य डिस्ट्रीब्यूटरों के नंबर भी हासिल कर लिए। इन नंबरों पर भी अपराधियों ने अश्लील मैसेज भेजे और उनके नाम से पैसे भी मांगे। शैलेन्द्र के बेटे आदित्य कुमार ने बताया कि दिसंबर से जनवरी तक लगातार ब्लैकमेलिंग के कॉल आते रहे। पुलिस ने मामले की जांच के लिए मुजफ्फरपुर नगर थाना के दारोगा राहुल कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया है और संबंधित मोबाइल नंबरों को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है, खासकर सूतापट्टी इलाके के, जहां शैलेन्द्र ठहरे थे। आदित्य ने यह भी साफ किया कि उनके पिता ने कभी किसी से लोन नहीं लिया था, जबकि साइबर अपराधियों ने उनके डिस्ट्रीब्यूटरों को यह गलत जानकारी दी थी। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि शैलेन्द्र के लापता होने के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके।

कैसे रहें सेक्सटॉर्शन से सावधान

सेक्सटॉर्शन यौन शोषण से जुड़े ब्लैकमेलिंग का एक रूप है, जिसमें किसी व्यक्ति की मांगें पूरी न करने पर उसकी निजी जानकारी, यौन तस्वीरें या वीडियो ऑनलाइन शेयर या लीक करने की धमकी दी जाती है और इसके बदले पैसे की डिमांड रखी जाती है। सेक्सटॉर्शन जैसे मामलों में कई बार पीड़ितों के लिए ऐसे अपराधियों की पहचान कर पाना और रिपोर्ट करना मुश्किल होता है। ऐसे में इससे बच कर रहना सबसे अच्छा विकल्प है। सेक्सटॉर्शन से बचने के लिए, सबसे पहले ऑनलाइन शेयर करने में सावधानी बरतें, खासकर सोशल मीडिया पर। अजनबियों के संदेशों को अनदेखा करें और ब्लॉक करें। यदि कोई आपसे संवेदनशील जानकारी या अंतरंग तस्वीरें मांगता है, तो तुरंत संपर्क बंद कर दें और ब्लॉक करें। कभी भी कभी भी अपनी निजी जानकारी, जैसे कि पता, फोन नंबर या ईमेल, अजनबियों के साथ ऑनलाइन साझा न करें।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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