Bihar Aaj Aur kal ka Mausam kaisa Rahega: बिहार में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। इन दिनों देश के कई राज्य भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं। वहीं बिहार में पिछले कुछ दिनों से बेमौसम बारिश हो रही है। साथ ही वज्रपात और आंधी-तूफान भी चल रहा है। जिस कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। फसलों को भी भारी नुकसान होने से किसान भी परेशान है। बिहार में अप्रैल के महीने में रिकॉर्डतोड़ बारिश देखने को मिल रही है। पटना में बारिश ने 79 सालों का रिकॉर्ड तोड़ा है। आखिर अप्रैल के महीने में इतनी बारिश होने की वजह क्या है, आइए जानते हैं।
बिहार में क्यों हो रही बारिश?
भारत के कई राज्यों में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। वहीं बिहार में अप्रैल माह में ठनका गिरने, तेज हवाओं के साथ बारिश होने का सिलसिला लगातार जारी है। मौसम में हो रहे इस बदलाव की वजह जलवायु परिवर्तन है। पटना मौसम विभाग के निदेशक आशीष कुमार के अनुसार इन दिनों बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है और ट्रफ रेखा प्रदेश से गुजर रही है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ का असर भी बिहार में देखने को मिल रहा है। इन सब कारणओं के कारण प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है।
आज बिहार के इन जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार आज भी बिहार में बारिश गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान भागलपुर, जमुई, खगड़िया, मुंगेर और बांका में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जिसकी रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है। वहीं पटना, नालंदा, गया, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, जहानाबाद, लखीसराय, सुपौल, किशनगंज, अररिया, मेधपुरा, पूर्णिया, सहरसा औक कटिहार में एक या दो स्थानों में बिजली गिरने, बादल चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पटना में बारिश का रिकॉर्ड
बिहार में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण पटना में तापमान 40 डिग्री से अधिक नहीं गया है। इस सीजन में अप्रैल में पटना में सबसे गर्म दिन 6 अप्रैल को दर्ज किया गया था। जिस दिन अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस था। इससे पहले पटना में सबसे गर्म दिन 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ 29 अप्रैल 1980 को दर्ज हुआ था। पटना में 79 सालों के बारिश का भी रिकॉर्ड टूटा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1946 के बाद इस साल अप्रैल में 11 तारीख को एक दिन में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। 11 अप्रैल को 42.6 मिमी बारिश हुई। इससे पहले अप्रैल माह में एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश 16 अप्रैल 1883 को 34 मिमी दर्ज की गई।
| 11 अप्रैल 2025 | 42.6 मिलीमीटर |
| 16 अप्रैल 1983 | 34.0 मिलीमीटर |
| 30 अप्रैल 1953 | 32.7 मिलीमीटर |
| 28 अप्रैल 1986 | 27.0 मिलीमीटर |
| 27 अप्रैल 1987 | 26.8 मिलीमीटर |
| 23 अप्रैल 2004 | 23.7 मिलीमीटर |
| 29 अप्रैल 1993 | 21.4 मिलीमीटर |
| 19 अप्रैल 2006 | 21.0 मिलीमीटर |
| 11 अप्रैल 1997 | 17.2 मिलीमीटर |
| 17 अप्रैल 1981 | 16.6 मिलीमीटर |
रबी की फसलों को बारिश से नुकसान
बिहार में हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की टेंशन बढ़ा दी है। बारिश के कारण फसलों का बहुत नुकसान हो रहा है। दरअसल नवंबर-दिसंबर तक रबी फसल की बुवाई होती है और जनवरी-फरवरी की बारिश से इन फसलों को लाभ होता है। लेकिन अप्रैल में हो रही बारिश से इसे नुकसान पहुंच रहा है।
