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'मेहनत करने वालों को मुनाफे में मिलना चाहिए हिस्सा', भारत टैक्सी कैब चालकों से बातचीत में बोले गृह मंत्री शाह

गृह मंत्री ने कहा 'यह टैक्सी सेवा शुरू करना मकसद यह है कि जो कड़ी मेहनत कर रहा है, उसे मुनाफे में हिस्सा मिलना चाहिए। यह मुनाफा केवल अमीर लोगों के पास नहीं जाना चाहिए। हम भारत टैक्सी के विचार को लेकर क्यों आए? आप ने कहा कि बहुत सारी शिकायतें हैं, 30 प्रतिशत ले लिया जाता है और इसके बाद भी कोई निश्चितता नहीं है।'

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भारत टैक्सी कैब चालकों से बातचीत करते गृह मंत्री अमित शाह।

Photo : ANI

Bharat Taxi : केंद्रीय गृह एवं को-ऑपरेशन मंत्री अमिश शाह ने सोमवार को दिल्ली में भारत टैक्सी कैब चालकों से बातचीत की। गृह मंत्री ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि इसका मुनाफा मेहनत करने वाले कैब चालकों में खाते में जाए। शाह ने बीते पांच फरवरी को दिल्ली में देश की पहली सहकारी आधारित भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत की। कैब चालकों को संबोधित करते हुए शाह ने भारत टैक्सी और अन्य कैब सेवा देने वाली कंपनियों के बीच अंतर को बताया है।

मेहनत करने वालों को मिलना चाहिए मुनाफा-शाह

गृह मंत्री ने कहा 'यह टैक्सी सेवा शुरू करना मकसद यह है कि जो कड़ी मेहनत कर रहा है, उसे मुनाफे में हिस्सा मिलना चाहिए। यह मुनाफा केवल अमीर लोगों के पास नहीं जाना चाहिए। हम भारत टैक्सी के विचार को लेकर क्यों आए? आप ने कहा कि बहुत सारी शिकायतें हैं, 30 प्रतिशत ले लिया जाता है और इसके बाद भी कोई निश्चितता नहीं है।' शाह ने कहा कि बाकी कैब चालक कंपनियों का उद्देश्य अपने मालिक को अमीर बनाना है जबकि भारत टैक्सी मॉडल कैब चालकों को मालिक बनाता है।

देश की पहली सहकारी राइड-हेलिंग सेवा

भारत टैक्सी (Bharat Taxi) भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा समर्थित देश की पहली सहकारी (Cooperative) राइड-हेलिंग सेवा है। ओला-उबर के विकल्प के रूप में शुरू की गई यह सेवा 'जीरो-कमीशन' मॉडल पर चलती है, जहाँ ड्राइवर ही ऐप के मालिक (सारथी) होते हैं और उन्हें कमाई का 100% हिस्सा मिलता है। यह सेवा सस्ती, पारदर्शी और बिना सर्ज प्राइसिंग (Surge Pricing) के सवारी प्रदान करती है।

सर्ज प्राइसिंग के सवारी प्रदान करेगी भारत टैक्सी

गौरतलब है कि भारत टैक्सी भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा समर्थित देश की पहली सहकारी राइड-हेलिंग सेवा है। ओला-उबर के विकल्प के रूप में शुरू की गई यह सेवा 'जीरो-कमीशन' मॉडल पर चलती है, जहां ड्राइवर ही ऐप के मालिक (सारथी) होते हैं और उन्हें कमाई का 100% हिस्सा मिलता है। यह सेवा सस्ती, पारदर्शी और बिना सर्ज प्राइसिंग के सवारी प्रदान करती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और सहकारी टैक्सी को-ऑपरेटिव लिमिटेड के बीच हस्ताक्षरित हुए MoU के मुताबिक भारत टैक्सी दिल्ली के 21 जगहों से डिजिटली 34 प्री-पेड टैक्सी बूथ संचालित करेगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सहयोग भारत टैक्सी एक ज्वाइंट कमांड एवं कंट्रोल सेंटर भी स्थापित करेगी।

Alok Rao
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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