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Odisha Flood: नदियों के उफान से भद्रक और धामनगर कटे, जिले के 261 गांव डूबे, 2.45 लाख आबादी प्रभावित

Odisha Flood Crisis: ओडिशा के भद्रक जिले में वैतरणी और सालंदी नदियों के उफान से 261 गांव जलमग्न हो गए हैं। 2.45 लाख लोग प्रभावित हैं, NDRF और ODRAF की टीमें राहत कार्य में जुटीं हुई हैं।

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बाढ़ में पालतू पशुओं का रेस्क्यू करतीं राहत और बचाव टीमें

Photo : ANI

Odisha Flood Updates: ओडिशा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदियों के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी के कारण राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उत्तर ओडिशा के भद्रक जिले में हालात सबसे ज्यादा नाजुक हैं, जहां 61 ग्राम पंचायतों के लगभग 261 गांव पानी में पूरी तरह घिर चुके हैं। इस तबाही से जिले की करीब 2.45 लाख आबादी प्रभावित हुई है। जिलाधिकारी दिलीप राउत राय ने बताया कि वैतरणी और सालंदी नदी प्रणाली में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे विशेष रूप से भंडारीपोखरी और धामनगर ब्लॉक के दर्जनों गांव मुख्य मार्ग से कट गए हैं।

51 केंद्रों पर शुरू हुए फ्री किचन, राहत कार्य तेज

जिला प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी के अनुसार आकुआपदा से वैतरणी नदी का पानी निचले इलाकों में प्रवेश कर रहा है, जिससे धामनगर NAC सहित पूरे ब्लॉक में जलभराव बढ़ गया है। प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए 51 केंद्रों पर मुफ्त रसोई शुरू कर दी गई हैं, जिनकी संख्या और बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा भद्रक ब्लॉक, भद्रक नगर पालिका और तिहिड़ी ब्लॉक भी सालंदी नदी के उफान की वजह से जलमग्न हो चुके हैं।

NDRF और ODRAF का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन

ओडिशा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ (NDRF), ओड्राफ (ODRAF) और अग्निशमन सेवा की टीमें लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। टीमें न केवल इंसानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं, बल्कि पालतू पशुओं को भी बाढ़ के पानी से सुरक्षित निकालने में जुटी हुई हैं।

राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने मुख्य सचिव अनु गर्ग की मौजूदगी में स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि राज्य भर में लगभग दो लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि करीब 30,000 लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। भद्रक, बालासोर और जाजपुर सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं, हालांकि अब स्थिति नियंत्रण में आ रही है और जलस्तर में सुधार देखा जा रहा है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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