Delhi News: दिल्ली नगर निगम ने राजधानी में अवैध निर्माणों, खतरनाक इमारतों और भवन उपविधियों के उल्लंघन के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर दिया है। मंगलवार को निगम ने शहर के सभी 12 जोन में व्यापक कार्रवाई करते हुए 40 ध्वस्तीकरण अभियान चलाए। इसके अलावा 16 संपत्तियों को सील किया गया, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले 4 मामलों में ध्वस्तीकरण आदेश भी जारी किए गए।
40 अवैध निर्माण ध्वस्त, 8 संपत्तियां सील
MCD के मुताबिक, एक दिन पहले भी निगम ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 40 अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया था और 8 संपत्तियों को सील किया गया था। निगम का कहना है कि राजधानी में मास्टर प्लान और भवन उपविधियों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। मंगलवार को दक्षिणी जोन के सतबरी स्थित गौशाला रोड पर बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई। वहीं पश्चिमी जोन में विशाल एन्क्लेव, हस्तसाल, विकासपुरी एक्सटेंशन और उत्तम नगर में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई हुई। उत्तरी जोन के सब्जी मंडी क्षेत्र में भी ध्वस्तीकरण सहित प्रवर्तन कार्रवाई की गई।
न्यू सीलमपुर से पांडव नगर तक कार्रवाई
पूर्वी जोन में न्यू सीलमपुर, मयूर विहार फेज-1 और पांडव नगर में प्रमुख कार्रवाई की गई। इसके अलावा निगम के अन्य जोनों में भी विभिन्न स्थानों पर अवैध निर्माणों और भवन नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई की गई। इस बीच एमसीडी ने दिल्ली में संचालित पेइंग गेस्ट (पीजी) भवनों का सर्वे भी जारी रखा है। निगम के अनुसार अब तक करीब 2,453 ऐसे भवनों की पहचान की गई है, जहां पीजी सुविधाएं संचालित हो रही हैं। इन भवनों में लगभग 55 हजार लोग रह रहे हैं। सर्वे का उद्देश्य पीजी भवनों का विस्तृत डाटाबेस तैयार करना और यह सुनिश्चित करना है कि वे भवन नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं। दिल्ली नगर निगम ने दोहराया है कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
