Bihar: STF और पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात लुटेरा प्रिंस कुमार एनकाउंटर में ढेर
- Edited by: Nilesh Dwivedi
- Updated Feb 6, 2026, 04:51 PM IST
सोना लूट और डकैती के कई मामलों में वांछित कुख्यात अपराधी प्रिंस कुमार उर्फ अभिजीत का पुलिस के साथ मुठभेड़ में अंत हो गया। शुक्रवार को पटना एसटीएफ और वैशाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हाजीपुर के हनुमान नगर इलाके में उसे ढेर किया गया। लंबे समय से फरार चल रहा प्रिंस कई संगीन अपराधों में शामिल रहा था और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था।
बिहार में कुख्यात अपराधी मुठभेड़ में ढेर
Bihar News: पुलिस ने सोना लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में वांछित कुख्यात अपराधी प्रिंस कुमार उर्फ अभिजीत को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। यह कार्रवाई शुक्रवार को पटना एसटीएफ और वैशाली पुलिस की संयुक्त टीम ने सदर थाना क्षेत्र के हनुमान नगर कॉलोनी में अंजाम दी। पुलिस के मुताबिक, गुप्त सूचना मिली थी कि प्रिंस हनुमान नगर कॉलोनी के एक मकान में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि के बाद एसटीएफ और वैशाली पुलिस की टीम ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया। जब पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने को कहा, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल हालत में उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि वह कई राज्यों में संगीन आपराधिक मामलों में लंबे समय से फरार चल रहा था।
तनिष्क ज्वेलरी शोरूम लूटकांड में संलिप्तता
मुठभेड़ में मारा गया अपराधी प्रिंस कुमार वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र के हुसैना गांव का रहने वाला था। वह पूर्णिया के तनिष्क ज्वेलरी शोरूम लूटकांड में भी शामिल रहा था। इसके अलावा उसके खिलाफ वैशाली जिले के सदर, बिदुपुर, महुआ, भगवानपुर, गोरौल और पातेपुर थानों समेत कई जगहों पर लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के दर्जनों मामले दर्ज थे। सीतामढ़ी जिले के रून्नी सैदपुर थाने में भी उस पर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज था।
कैसे हुआ था फरार?
जानकारी के अनुसार, सितंबर 2024 में प्रिंस कुमार को बेउर जेल से इलाज के लिए अन्य कैदियों के साथ पीएमसीएच लाया गया था। इसी दौरान पुलिस को चकमा देकर आरोपी फरार हो गया था। बताया जा रहा है कि उसने एक पुलिसकर्मी को मटन पार्टी में उलझाकर कमरे में बंद कर दिया और अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद से ही वह बिहार पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था।
STF और पुलिस कर रही थी तलाश
फरार होने के बाद एसटीएफ समेत बिहार पुलिस की कई टीमें लगातार उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई थीं। उसकी तलाश सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं थी, बल्कि नेपाल और अन्य राज्यों में भी उसे खोजा जा रहा था। वैशाली जिले के एक हत्या के मामले में भी वह लंबे समय से फरार चल रहा था। हाल ही में अदालत द्वारा उसके खिलाफ इश्तेहार जारी किए जाने के बाद पुलिस ने उसके घर पर नोटिस चिपकाया था और परिजनों को उसे जल्द आत्मसमर्पण कराने की सख्त हिदायत दी गई थी।
अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रिंस का नाम सोना लूट गिरोह के कुख्यात सरगना सुबोध सिंह के साथ भी सामने आ चुका है और माना जाता है कि वह गिरोह में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। मुठभेड़ के दौरान उसके कुछ साथी भी आसपास मौजूद होने की आशंका है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी बताया है।
आखिर कौन था प्रिंस कुमार?
प्रिंस कुमार एक कुख्यात अपराधी था, जिसके खिलाफ लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज थे। वह वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र के हुसैना गांव का रहने वाला था और बताया जाता है कि वह इंजीनियरिंग का छात्र भी रहा था। पिछले साल सितंबर में उसे इलाज के लिए बेउर जेल से पीएमसीएच लाया गया था, जहां से वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इसके बाद से ही पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
काफी लंबा था आपराधिक रिकॉर्ड
शुक्रवार को बिहार एसटीएफ को सूचना मिली कि प्रिंस हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत हनुमान नगर इलाके में एक मकान में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए छापेमारी की, लेकिन इस दौरान प्रिंस ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। प्रिंस कुमार का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा था। उसका नाम सोना लूट गिरोह के सरगना सुबोध सिंह के साथ भी जुड़ चुका था। उसके खिलाफ वैशाली जिले के सदर, बिदुपुर, महुआ, भगवानपुर, गोरौल, पातेपुर सहित अन्य थानों में लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज थे।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्या कहा?
आरोपी प्रिंस के एनकाउंटर को लेकर बिहार विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार के शासन में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी पुलिस पर हमला करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और राज्य में “ऑपरेशन लंगड़ा” जैसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में कोई भी अपराधी कानून से नहीं बच सकता। उन्होंने कहा कि अपराधी चाहे जहां छिपे, बिहार पुलिस उसे ढूंढकर गिरफ्तार करेगी और जेल भेजेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है कि बिहार छोड़कर कहीं और जाने से भी वे सुरक्षित नहीं रहेंगे। नीट छात्रा मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आरोपों पर सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि किसी के पास ठोस सबूत हैं तो उन्हें सामने लाया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले में जिसका भी नाम सामने आएगा, उसे 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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